रांची : वामदलों को हेमंत का नेतृत्व स्वीकार्य, मिल कर लड़ेंगे चुनाव

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रांची : विधानसभा चुनाव में वामदलों ने झामुमो के साथ मिल कर चुनाव लड़ने का फैसला किया है. साथ ही तय किया है कि महागठबंधन का नेतृत्व हेमंत सोरेन करेंगे. भाकपा कार्यालय में राज्य सचिव भुवनेश्वर मेहता ने कहा कि वामदलों के साथ हेमंत सोरेन की बैठक 25 जुलाई को हुई थी. उस वक्त ही […]

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रांची : विधानसभा चुनाव में वामदलों ने झामुमो के साथ मिल कर चुनाव लड़ने का फैसला किया है. साथ ही तय किया है कि महागठबंधन का नेतृत्व हेमंत सोरेन करेंगे. भाकपा कार्यालय में राज्य सचिव भुवनेश्वर मेहता ने कहा कि वामदलों के साथ हेमंत सोरेन की बैठक 25 जुलाई को हुई थी. उस वक्त ही एक साथ चुनाव में जाने का निर्णय लिया गया था. कांग्रेस के सवाल पर उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में वामदलों के साथ कांग्रेस ने जिस तरह से रूख अपनाया था, उससे स्पष्ट है कि पार्टी की नीति राज्य में सही नहीं है
राज्य को सुखाड़ घोषित करने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री को जमीनी सच्चाई का पता नहीं है. धान के बिचड़े सूख रहे हैं और मंत्री हवा में बात करते हैं. श्री मेहता ने कहा कि झारखंड को सुखाड़ घोषित करने के लिए 19 से 26 अगस्त तक जिला स्तर पर अभियान चलाया जायेगा.
छह विधानसभा सीटों पर की दावेदारी : भाकपा ने छह विधानसभा क्षेत्रों को अपनी ओर से चिह्नित किया है, जहां से उम्मीदवार देने की बात कही गयी है. इन क्षेत्रों में बड़कागांव, बरकट्टा, चतरा, बेरमो, नाला, बहरागोड़ा या घाटशिला शामिल है.
काॅन्ट्रैक्ट पर नियुक्त एमवीआइ की शैक्षणिक योग्यता पर मंत्री को संदेह
आयोग की अनुशंसा ठुकराने पर भूतपूर्व सैनिकों को नियुक्त करने का हुआ फैसला
आयोग की अनुशंसा ठुकराये जाने के बाद विभाग ने भूतपूर्व सैनिकों को कॉन्ट्रैक्ट पर एमवीआइ के पद पर नियुक्त करने का फैसला किया. पहले चरण में विभाग ने नौ पूर्व सैनिकों को नियुक्त कर पदस्थापन की प्रक्रिया शुरू की. इसी क्रम में विभागीय मंत्री ने काॅन्ट्रैक्ट पर नियुक्त नौ एमवीआइ की शैक्षणिक योग्यता पर ही सवाल खड़ा कर दिया.
मंत्री ने इससे जुड़ी फाइल पर लिखा कि एमवीआइ एक्ट में निहित प्रावधान के तहत इस पद पर नियुक्त उम्मीदवारों के पास मेकैनिकल इंजीनियरिंग में तीन साल के डिप्लोमा कोर्स की डिग्री होनी चाहिए. लेकिन, अब तक इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है कि नवनियुक्त नौ एमवीआइ के पास एक्ट के अधीन निर्धारित शैक्षणिक योग्यता है या नहीं. मंत्री ने नवनियुक्त एमवीआइ को राज्य के बड़े जिलों में पदस्थापित करने के प्रस्ताव पर भी आपत्ति जताते हुए यह लिखा कि इनके पास इस तरह के काम का कोई प्रशासनिक अनुभव नहीं है. इसलिए इन्हें बड़े जिलों में पदस्थापित करने पर फिर से विचार हो.
मुख्य सचिव के पास लाया गया मामला
नवनियुक्त एमवीआइ की शैक्षणिक योग्यता पर आपत्ति किये जाने के बाद यह मामला मुख्य सचिव के सामने लाया गया. मुख्य सचिव ने सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद विभाग को यह निर्देश दिया कि वह इस बात की जांच कर ले कि संबंधित कर्मचारियों के पास निर्धारित योग्यता है या नहीं है. मुख्य सचिव की इस टिप्पणी के बाद इस मामले को मुख्यमंत्री के पास भेज दिया गया.

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