झारखंड हाइकोर्ट बचा रहा है 60 लाख लीटर वर्षा जल

रांची : झारखंड हाइकोर्ट लोगों को न्याय देने के साथ-साथ भूमिगत जल स्तर को बनाये रखने का भी कार्य कर रहा है. प्रतिवर्ष लाखों लीटर वर्षा जल बचाने में हाइकोर्ट सहयोग कर रहा है. बारिश का पानी बर्बाद नहीं हो, उसे एकत्र कर भूगर्भ जल को रिचार्ज किया जा रहा है. झारखंड हाइकोर्ट के तत्कालीन […]

रांची : झारखंड हाइकोर्ट लोगों को न्याय देने के साथ-साथ भूमिगत जल स्तर को बनाये रखने का भी कार्य कर रहा है. प्रतिवर्ष लाखों लीटर वर्षा जल बचाने में हाइकोर्ट सहयोग कर रहा है. बारिश का पानी बर्बाद नहीं हो, उसे एकत्र कर भूगर्भ जल को रिचार्ज किया जा रहा है.
झारखंड हाइकोर्ट के तत्कालीन एक्टिंग चीफ जस्टिस डीएन पटेल के प्रयास से हाइकोर्ट परिसर स्थित भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाया गया था. हाइकोर्ट परिसर में चार ब्लॉक में हाइकोर्ट बिल्डिंग बना हुआ है.
यहां रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का निर्माण भवन निर्माण विभाग द्वारा किया गया है. विभागीय अभियंता ने बताया कि छत का एरिया लगभग 54000 वर्गफीट है, जहां आैसतन 60 लाख लीटर वर्षा जल एकत्रित होता है.
छत पर एकत्रित होनेवाले वर्ष जल को पाइप के माध्यम से पांच जगहों पर बने रिचार्ज पिट तक लाया गया है. उन्होंने यह भी बताया कि रिचार्ज पिट की चाैड़ाई 10 फीट व गहराई 14 फीट है. उसमें बोरिंग किया गया है, जो लगभग 75 फीट गहरा है. इससे छत पर एकत्रित होनेवाला वर्षा जल भूगर्भ में चला जाता है.

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