केदला. गोसी गांव में गुरुवार की रात जंगली हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया. हाथियों ने किसानों के खेतों में लगी धान की फसल को खाकर और रौंदकर बर्बाद कर दिया. फसल के नुकसान से किसानों को आर्थिक क्षति हुई है और प्रभावित किसानों में मायूसी है. किसानों ने वन विभाग से नुकसान का आकलन कर उचित क्षतिपूर्ति देने की मांग की है.
ग्रामीणों के अनुसार किसान कोलेश्वर महतो समेत अन्य किसानों के खेतों में हाथियों ने धान की फसल को नुकसान पहुंचाया. रात के समय हाथियों का झुंड गांव के आसपास पहुंचा और खेतों में घुस गया. किसानों ने बताया कि खेती के लिए उन्होंने कर्ज लेकर बीज, खाद और अन्य कृषि सामग्री की व्यवस्था की थी. फसल तैयार होने के समय हाथियों के उत्पात से उनकी मेहनत और पूंजी दोनों पर संकट खड़ा हो गया है.
मुआवजा और सुरक्षा की मांग
प्रभावित किसानों ने कहा कि वन विभाग फसल क्षति का आकलन कर उचित मुआवजा उपलब्ध कराये. साथ ही हाथियों के उत्पात से फसलों को बचाने के लिए ठोस पहल की जाये, ताकि आगे किसानों को नुकसान नहीं उठाना पड़े.
ग्रामीणों ने रात में हाथियों को भगाया
हाथियों के गांव के आसपास पहुंचने की सूचना के बाद ग्रामीण रात में एकजुट हुए और उन्हें गोसी क्षेत्र से भगाया. ग्रामीणों के अनुसार हाथियों का झुंड फिलहाल 14 नंबर जंगल में डेरा डाले हुए है. झुंड में करीब 15 से 20 हाथी होने की बात कही जा रही है.
हाथियों की मौजूदगी से केदला कोयलांचल के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में लगातार निगरानी रखने और हाथियों को आबादी वाले इलाकों से दूर रखने की मांग की है.
