:::मां छिन्नमस्तिके मंदिर प्रक्षेत्र की दुकानों को हटाने की प्रक्रिया को लेकर गहराया विवाद हजारीबाग सांसद ने रजरप्पा में दुकानदारों के साथ की बैठक रोजी-रोटी पर संकट, पुनर्वास की मांग को लेकर एकजुट हुए दुकानदार और जनप्रतिनिधि रजरप्पा. रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिके मंदिर प्रक्षेत्र की दुकानों को हटाने की प्रक्रिया को लेकर उत्पन्न विवाद अब गहराता जा रहा है. न्यायालय के आदेश के बाद प्रशासन की ओर से की जा रही कार्रवाई से सैकड़ों दुकानदारों और उनके परिवारों की आजीविका पर संकट मंडरा रहा है. इस फैसले से पूरे क्षेत्र में असंतोष और चिंता का माहौल है. प्रभावित परिवार भविष्य को लेकर असमंजस में हैं. इस मुद्दे को लेकर रविवार को हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल रजरप्पा मंदिर पहुंचे और प्रशासनिक भवन में मंदिर के पुजारियों एवं स्थानीय दुकानदारों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की. बैठक के दौरान दुकानदार देवत खन्ना, मिंटू साव, बंशी केवट, महेश मांझी, दिलीप साव, जयचंद महतो, मुकेश महतो, राजू साव सहित अन्य अन्य दुकानदारों ने बताया कि वे वर्षों से मंदिर क्षेत्र में दुकानदारी कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं. अचानक दुकानों को हटाने की कार्रवाई से उनके सामने रोजी-रोटी का गहरा संकट खड़ा हो गया है. सांसद श्री जायसवाल ने कहा कि न्यायालय के आदेश का पालन आवश्यक है. आदेश में यह भी उल्लेख है कि प्रभावित दुकानदारों के पुनर्वास की समुचित व्यवस्था पहले सुनिश्चित की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि बिना पुनर्वास किसी को उजाड़ना न केवल अमानवीय है, बल्कि यह पूरी तरह अन्यायपूर्ण भी है. रजरप्पा जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल सैकड़ों परिवारों की आजीविका का आधार है, इसलिए किसी भी कार्रवाई से पहले उनके भविष्य को सुरक्षित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है. रामगढ़ जिला सांसद प्रतिनिधि राजीव जायसवाल ने भी दुकानदारों के पक्ष में आवाज उठायी. बैठक में रजरप्पा मंदिर के पुजारी सुबोध पंडा, अरूप पंडा, छोटू पंडा, राकेश पंडा, बंदा पंचायत के मुखिया सह दुकानदार समिति के अध्यक्ष कुलदीप साव, दिलीप साव, भाजपा रजरप्पा मंडल अध्यक्ष संतोष कुसवाहा, चितरपुर मंडल अध्यक्ष निरंजन कुमार, पूर्व अध्यक्ष बबलू साव, गोला सांसद प्रतिनिधि प्रीतम झा, दुलमी सांसद प्रतिनिधि विक्की महतो, सोनू सोनी, सूरज वर्मा, सुमित सिंह मौजूद थे.
बिना पुनर्वास किसी को उजाड़ना अन्यायपूर्ण : मनीष जायसवाल
बिना पुनर्वास किसी को उजाड़ना अन्यायपूर्ण : मनीष जायसवाल
