रात 12 बजे से शुरू हो गयी थी विशेष प्रार्थना सभा, भक्ति गीतों और प्रार्थना से गूंजा चर्च रामगढ़. ईस्टर संडे पर संत मेरी चर्च, रामगढ़ में मसीही समाज ने प्रभु यीशु के पुनर्जीवन का पर्व श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया. रात 12 बजे से चर्च में विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन हुआ. श्रद्धालुओं ने प्रभु यीशु के पुनर्जीवित होने की स्मृति में प्रार्थना की. उनके द्वारा मानवता को पाप से मुक्ति दिलाने के संदेश को आत्मसात किया. फादर जॉर्ज चिटाडी ने संदेश में कहा कि प्रभु यीशु के पुनर्जीवन ने मानव जीवन में आशा, विश्वास और उद्धार का मार्ग प्रशस्त किया. इस अवसर पर मिस्सा पूजा संपन्न हुई. श्रद्धालुओं के बीच परम प्रसाद का वितरण किया गया. चर्च परिसर में भक्ति गीतों और प्रार्थनाओं के साथ पूरे वातावरण में आध्यात्मिकता का माहौल बना रहा. शनिवार रात आयोजित पास्का जागरण के बाद ईस्टर संडे पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ. इसमें रामगढ़ पल्ली के सभी ख्रीस्त विश्वासी शामिल हुए. मसीही समाज ने प्रभु यीशु के पुनर्जीवन को याद करते हुए आपसी प्रेम, शांति व भाईचारे का संदेश दिया. मौके पर प्रचारक किशोर हेंब्रम, प्रेम लकड़ा, प्रदीप पन्ना, सिमोन एक्का, हनुक एक्का, विजय हांसदा, सुनील कुमार, निर्मल तिग्गा, मनोज पॉल, आशा कच्छप, रीता मिंज, रोशनी टोप्पो, सरोज एक्का शामिल थे. एजी चर्च : सत्य और प्रेम की हमेशा होती है जीत : ईस्टर संडे के अवसर पर एजी चर्च, रामगढ़ में विशेष प्रार्थना सभा हुई. इस अवसर पर मसीही समुदाय के लोगों ने प्रभु यीशु मसीह के पुनरुत्थान की खुशी मनायी. प्रार्थना सभा के दौरान वरिष्ठ पास्टर जकरिया महतो ने कहा कि ईस्टर संडे प्रभु यीशु के पुनः जीवित होने का प्रतीक है. यह मानव जीवन में नयी आशा, विश्वास और जीवन का संदेश देता है. उन्होंने कहा कि यीशु का पुनरुत्थान हमें सिखाता है कि सत्य और प्रेम की हमेशा जीत होती है. मुख्य प्रचारक अर्पण महतो ने कहा कि प्रभु यीशु का पुनरुत्थान मानव जाति के लिए नयी शुरुआत और उद्धार का मार्ग है. इसे हर व्यक्ति को अपने जीवन में अपनाना चाहिए. श्रद्धालुओं से प्रेम, क्षमा और सेवा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया गया. मौके पर अलका महतो, शिल्पा महतो, धनकुमार धान, चानू सुमया, याचना धान, अहाना, आशीष, अनूप जॉन, आइडी तिर्की, एलिसिवा तिर्की, विल्सन मसीह, सियाराम, गुलशन, दिनेश, सुदामा, अमित राम, रोजी केरकेट्टा, सोनी, पायल, रीता चटर्जी, सरिता बाखला उपस्थित थे. मोमबत्ती जला कर दी गयी श्रद्धांजलि : विशेष संडे के अवसर पर सीएनआइ चर्च से जुड़े मसीही समुदाय के लोगों ने कब्रिस्तान में विशेष प्रार्थना का आयोजन किया. प्रभु यीशु के पुनः जीवित होने की आस्था को याद किया जाता है. श्रद्धालुओं ने दिवंगत परिजनों को श्रद्धांजलि अर्पित की. प्रातः चार बजे से आराधना की शुरुआत हुई. सीएनआइ कैथा कब्रिस्तान में श्रद्धालु एकत्रित हुए. यहां धार्मिक विधि-विधान के साथ प्रार्थना की गयी. इस दौरान मसीही श्रद्धालुओं ने मोमबत्तियां जला कर अपने प्रियजनों को याद किया. पूरे कार्यक्रम के दौरान माहौल शांति, आस्था व श्रद्धा से भरा रहा. लोगों ने एकजुट होकर प्रार्थना की और प्रेम, शांति एवं भाईचारे का संदेश दिया.
ईस्टर संडे पर चर्चों में उमड़ी आस्था, पुनर्जीवन का गूंजा संदेश
ईस्टर संडे पर चर्चों में उमड़ी आस्था, पुनर्जीवन का गूंजा संदेश
