दुलमी. दुलमी प्रखंड के कोरचे सरना स्थल में रविवार को प्रकृति का पर्व सरहुल धूमधाम से मनाया गया. कार्यक्रम में बिनोद किस्कू व अजय कुमार भोगता शामिल हुए. श्री किस्कू ने कहा कि सरहुल पर्व हमें प्रकृति के संरक्षण का संदेश देता है. सरहुल पर्व आदिवासी समुदाय का एक प्रमुख त्योहार है. श्री भोगता ने कहा कि सरहुल त्योहार के दौरान प्रकृति की पूजा की जाती है, पर्यावरण के रक्षा के लिए संकल्प लेते है. सरहुल आदिवासी समाज की सांस्कृतिक और परंपराओं का प्रतीक है. इससे पूर्व पाहन के द्वारा पूजा अर्चना किया गया. साथ ही लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया. वहीं महिलाओं द्वारा सरहुल गीत व नृत्य प्रस्तुत किया गया. मौके पर बड़ी संख्या में लोग शामिल थे.
प्रकृति संरक्षण का संदेश देता है सरहुल पर्व : बिनोद
प्रकृति संरक्षण का संदेश देता है सरहुल पर्व : बिनोद
