रामगढ़. मैक्स इंस्टीट्यूट ऑफ टीचर्स ट्रेनिंग बिजूलिया में आयोजित तीन दिवसीय व्याख्यानमाला के दूसरे दिन ‘सूक्ष्म शिक्षण एवं शिक्षण कौशल’ विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य बीएड एवं डीएलएड के विद्यार्थियों को प्रभावी शिक्षण की विभिन्न तकनीकों एवं आवश्यक शिक्षण कौशलों से परिचित कराना था.
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महर्षि परमहंस कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन के प्राचार्य डॉ जीआर चौरिया मौजूद थे. इनका स्वागत अंगवस्त्र एवं मोमेंटो देकर किया गया. व्याख्यान के दौरान मुख्य अतिथि जीआर चौरिया ने विद्यार्थियों को सूक्ष्म शिक्षण की अवधारणा, उद्देश्य, विशेषताओं एवं महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी. साथ ही प्रभावी शिक्षण के लिए आवश्यक विभिन्न कौशल, प्रस्तुतीकरण कौशल, प्रश्न पूछने का कौशल, व्याख्या कौशल, पुनर्बलन कौशल, श्यामपट्ट कौशल एवं उद्दीपन परिवर्तन कौशल आदि पर विस्तार से चर्चा की.
उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि सूक्ष्म शिक्षण भावी शिक्षकों के लिये एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से शिक्षक सीमित समय, सीमित विषय-वस्तु एवं छोटे समूह के समक्ष अपने शिक्षण कौशल का अभ्यास एवं सुधार कर सकते हैं. उन्होंने विद्यार्थियों को कक्षा-कक्ष में प्रभावी संप्रेषण, विद्यार्थियों की सहभागिता तथा विषय-वस्तु को सरल एवं रोचक ढंग से प्रस्तुत करने के लिए आवश्यक व्यावहारिक सुझाव भी दिये.
व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए विभिन्न प्रश्न पूछे तथा शिक्षण कौशल से संबंधित अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया. कार्यक्रम ने भावी शिक्षकों में आत्मविश्वास, प्रस्तुतीकरण क्षमता एवं प्रभावी शिक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक एवं बीएड के विद्यार्थी उपस्थित थे.
