परंपरा-संरक्षण के संकल्प के साथ एकजुट हुआ कुड़मी समाज

परंपरा-संरक्षण के संकल्प के साथ एकजुट हुआ कुड़मी समाज

दुलमी. दुलमी प्रखंड के सिकनी गांव स्थित भोक्ता थान परिसर में रविवार को आदिवासी कुड़मी समाज के बैनर तले एकदिवसीय कुड़मी-कुड़माली नेगाचारी धरम जड़ुआहि कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष रामबिनय महतो एवं संचालन जिला उपाध्यक्ष रोहित महतो ने किया. आयोजन में समाज के सैकड़ों लोगों ने अपनी परंपरा व संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लिया. कार्यक्रम की शुरुआत स्वतंत्रता संग्राम में शहीद रघुनाथ महतो के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर की गयी. इसके बाद केंद्रीय महासचिव जगेश्वर नागवंशी केसरिआर, केंद्रीय चारि गुरु विशेषज्ञ दीपक पुनरिआर, केंद्रीय प्रवक्ता दीपक महतो, केंद्रीय शोधकर्ता अजय मुर्मू, शोधकर्ता ऋषि कुमार, सुरेश मास्टर, जगदीश मास्टर, प्रदेश उपाध्यक्ष माथुर महतो तथा प्रदेश संगठन सचिव लालबहादुर चौधरी ने सभा को संबोधित किया. वक्ताओं ने कहा कि कुड़मी समाज की पहचान उसकी परंपरा, भाषा और धार्मिक आस्था से है, जिसे बचाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है. केंद्रीय प्रवक्ता दीपक महतो ने स्पष्ट किया कि यह अभियान आरक्षण के लिए नहीं, बल्कि समाज की विलुप्त होती परंपराओं को पुनर्जीवित करने का जनजागरण है. दीपक ने कहा कि समाज अपने अधिकारों को संवैधानिक तरीके से हासिल करेगा और किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेगा. मौके पर अजय मुर्मू, सोहन कुमार महतो, संतोष टिडुआर, उमाशंकर महतो, मुरलीधर महतो, शिवचरण कछुआर, सुदामा महतो, वकील महतो, गोविंद महतो, संगीता महतो, सैल देवी, विमलेश महतो, शिवचरण महतो, हरि महतो, हरिलाल महतो, संतोष महतो, जलेसर महतो, सुरेंद्र महतो, चंदेश महतो उपस्थित थे.

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By SAROJ TIWARY

SAROJ TIWARY is a contributor at Prabhat Khabar.

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