मांडू. मांडू क्षेत्र स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में करीब 600 छात्राएं अध्ययनरत हैं. विद्यालय में छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अनुशासन, स्वच्छता, खेलकूद, सांस्कृतिक और अन्य सह-शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है. शैक्षणिक व्यवस्था, अनुशासन और छात्राओं के प्रदर्शन को लेकर विद्यालय की क्षेत्र में सकारात्मक पहचान बनी है.
पढ़ाई के साथ स्वास्थ्य और सुरक्षा पर भी ध्यान
विद्यालय की वार्डन रेनू जयसवाल ने बताया कि छात्राओं की पढ़ाई के साथ उनके रहन-सहन, भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है. विद्यालय की विभिन्न गतिविधियों की नियमित निगरानी की जाती है. उन्होंने कहा कि विद्यालय में अध्ययनरत छात्राएं प्रतिभावान और मेहनती हैं. शिक्षक-शिक्षिकाएं भी जिम्मेदारी और लगन के साथ उन्हें बेहतर शिक्षा देने में जुटे हैं.
विद्यालय में नियमित पढ़ाई के साथ विषयवार शिक्षण और अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाता है. कमजोर छात्राओं की पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिया जाता है. आवासीय विद्यालय होने के कारण छात्राओं के रहने, भोजन, पेयजल, स्वच्छता और दैनिक दिनचर्या की भी नियमित निगरानी की जाती है.
खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों में भी भागीदारी
छात्राओं को पढ़ाई के साथ खेलकूद और विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है. विद्यालय की छात्राओं ने विभिन्न परीक्षाओं और शैक्षणिक गतिविधियों में बेहतर प्रदर्शन किया है.
छात्राओं के प्रदर्शन को देखते हुए रामगढ़ जिला प्रशासन की ओर से विद्यालय को कई बार पुरस्कृत और प्रशंसित किये जाने की बात विद्यालय प्रबंधन ने कही है. इससे शिक्षक-शिक्षिकाओं और छात्राओं का उत्साह बढ़ा है.
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना प्राथमिकता है. शिक्षक-शिक्षिकाओं की मेहनत, वार्डन की नियमित निगरानी और छात्राओं की लगन से विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहा है. छात्राओं को बेहतर सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के प्रयास आगे भी जारी रहेंगे.
