पतरातू, रामगढ़: ग्राम डाड़ीडीह में रविवार को गहदम करमा झूमर प्रतियोगिता समारोह धूमधाम से आयोजित किया गया. कार्यक्रम में ग्रामीण महिला-पुरुषों ने पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य के माध्यम से झारखंड की लोक संस्कृति और परंपरा को जीवंत किया. समारोह में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया.
कार्यक्रम की अध्यक्षता सुरेश महतो ने की. संचालन गोविंद महतो और दिलीप कुमार महतो ने संयुक्त रूप से किया. मुख्य अतिथि बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी और विशिष्ट अतिथि भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज वाजपेयी महतो उपस्थित थे.
करमा पर्व सामाजिक एकता का देता है संदेश : विधायक
विधायक रोशन लाल चौधरी ने कहा कि करमा झारखंड की महान लोक संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है. यह पर्व प्रकृति, भाई-बहन के प्रेम, सुख-समृद्धि और सामुदायिक एकता का संदेश देता है. करमा पर्व में करम देवता और करम वृक्ष की पूजा की जाती है. यह मेहनत, अच्छे कर्म और प्रकृति के प्रति सम्मान की सीख देता है. पारंपरिक गीत और नृत्य के माध्यम से समाज अपनी संस्कृति को जीवंत रखता है.
संस्कृति और प्रकृति की रक्षा का लें संकल्प : मनोज वाजपेयी महतो
मनोज वाजपेयी महतो ने कहा कि करमा पर्व झारखंड की पहचान और जल, जंगल, जमीन व लोक संस्कृति से जुड़ा है. अपनी परंपराओं को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना और प्रकृति की रक्षा करना सभी का दायित्व है. उन्होंने ग्रामीणों से संस्कृति संरक्षण, पेड़-पौधों की रक्षा, भाईचारा बढ़ाने और गांव को स्वच्छ व समृद्ध बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया.
ये लोग रहे उपस्थित
समारोह में सांसद प्रतिनिधि सह जिला पार्षद राजाराम प्रजापति, कामेश्वर महतो, कुर्मी महासभा की प्रदेश मुखिया पानो देवी, किशोर कुमार महतो, गंगाधर महतो, जयप्रकाश सिंह, पंचायत समिति सदस्य अजय सिंह, बिना कुमारी, उपमुखिया उमा कुमारी, नंदकिशोर महतो, उज्जवल सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे. कार्यक्रम की सफलता में संरक्षक गंगाधर महतो समेत धनेश्वर महतो, गोपाल महतो, सुखदेव महतो, वेतन महतो, शंकर महतो, महेंद्र महतो, नकुल कुमार, विकास कुमार, सुधीर कुमार, कपिल कुमार, तिलेश्वर कुमार, अजय कुमार, प्रदीप कुमार, आशीष कुमार, सुजीत कुमार, दिलीप महतो, अमरलाल कुमार, जीतन कुमार, कमलनाथ कुमार, हीरालाल कुमार, अंशु कुमार, अमित कुमार, चंदन महतो, शिवकुमार, फुलेश्वर महतो, दीपकर महतो, कारण महतो, दिलेश्वर महतो, सुरेंद्र महतो, जितेंद्र महतो, राहुल राज, ओमप्रकाश महतो, राजकुमार सहित अन्य ग्रामीणों का योगदान रहा.
