भुरकुंडा. श्री अग्रसेन स्कूल, भुरकुंडा में करम महोत्सव का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत करम डाल स्थापित कर पूजा-अर्चना से हुई. आचार्य लालेश्वर पांडेय ने पूजा करायी. बच्चों ने करम पर्व से जुड़ी लोककथा सुनी. छात्र-छात्राओं व शिक्षकों ने करम डाल के पास पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया. छात्राओं ने ‘करम करम कहले आये करम दिन’ और ‘सातो भईया रे सातो करम गाड़े’ समेत लोकगीत प्रस्तुत किये.
निदेशक प्रवीण राजगढ़िया ने कहा कि करम पर्व प्रकृति प्रेम का संदेश देता है. पर्यावरण असंतुलन के दौर में इसकी महत्ता और बढ़ गयी है. उन्होंने प्रकृति संरक्षण की भावना को समाज के सभी लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया. प्राचार्य विवेक प्रधान ने कहा कि करम पर्व झारखंड की समृद्ध संस्कृति और प्रकृति प्रेम को प्रदर्शित करता है. आयोजन को सफल बनाने में शिक्षकों व विद्यार्थियों का योगदान रहा.
