गोसी गांव में करम की धूम, मांदर की थाप पर देर रात तक झूमे ग्रामीण

गोसी गांव ने करम पर्व को पूरे उल्लास से मनाया. प्रकृति, आस्था और प्रेम का यह पर्व लोकगीतों और मांदर की थाप पर देर रात तक चला. ग्रामीणों ने झूमर नृत्य का आनंद लिया.

केदला. प्रकृति, लोक आस्था और भाई-बहन के पवित्र प्रेम का प्रतीक करम पर्व गोसी गांव में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. इस अवसर पर पूरा गांव लोकगीतों और मांदर की थाप से गूंज उठा. अखरा पूजा स्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जुटी. श्रद्धालुओं ने करम राजा की कथा सुनी, जिसमें कर्म, निष्ठा और प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया. इसके बाद महिला-पुरुष व युवाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में झुमर नृत्य प्रस्तुत किया. मांदर, ढाक व बांसुरी की धुन पर देर रात तक लोकनृत्य चलता रहा.

मुख्य अतिथि वेस्ट बोकारो ओपी प्रभारी दीपक कुमार का ग्रामीणों ने झारखंडी रीति-रिवाज से पत्ते के ताज व माला पहनाकर स्वागत किया. दीपक कुमार ने कहा कि करम पर्व झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर और पर्यावरण संरक्षण की सीख देने वाला महत्वपूर्ण पर्व है. यह पर्व आपसी भाईचारे का संदेश देता है. आयोजन में पूजा समिति व गांव के युवाओं का विशेष योगदान रहा. मौके पर मेघनाथ प्रसाद, महादेव महतो, प्रकाश महतो, नरेश महतो, अनूप महतो, फलजीत महतो, प्रेम महतो, हरिहर महतो, मनजीत महतो, संजय महतो, रंजीत महतो, बबलू, अनिल महतो, यशवंत महतो, करण महतो, महेंद्र महतो, बासदेव महतो, रंजीत महतो, मंजू देवी, अनिता देवी, सरस्वती देवी, बबीता देवी, विजेता देवी, स्वीटी कुमारी, ममता कुमारी सहित कई लोग उपस्थित थे.

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By Prabhat khabar news desk

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