रामगढ़. झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता पनेश्वर कुमार महतो बुधवार सुबह हजारीबाग के कन्हरी पहाड़ के जंगल से सकुशल मिल गए. उनके लापता होने के करीब छह घंटे बाद पुलिस ने राहत की सांस ली. रामगढ़ और हजारीबाग पुलिस ने मिलकर कन्हरी पहाड़ और रामगढ़ के गोबरदरहा चौक स्थित घटनास्थल का मुआयना कर मामले की जांच शुरू कर दी है. पनेश्वर को सबसे पहले हजारीबाग सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के लिए ले जाया गया, जहां इलाज के बाद उन्हें रामगढ़ स्थित कैथा आवास पहुंचाया गया.
रामगढ़ के कैथा निवासी पनेश्वर महतो ने बताया कि मंगलवार रात करीब 10 बजे गोबरदरहा चौक के पास सफेद रंग की काले शीशे वाली बोलेरो से कुछ लोग उन्हें जबरन गाड़ी में बैठाकर ले गए. माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया था. अपहरणकर्ताओं के चेहरे पर घबराहट और सख्ती साफ दिख रही थी. उन्होंने खुद को कुजू थाना की पुलिस बताया. पनेश्वर की गाड़ी गोबरदरहा में ही खड़ी करवा दी गई और उनके मोबाइल से उनके साथी सहदेव महतो को फोन करके गाड़ी ले जाने के लिए कहा गया. इसके बाद उनका मोबाइल बंद कर दिया गया.
पनेश्वर ने बताया कि उन्हें कुजू थाना ले जाने की बात कहकर हजारीबाग के कन्हरी पहाड़ तक ले जाया गया. रास्ते में उन्हें नेतागिरी, कोयला और बालू जैसे मुद्दों पर आवाज़ न उठाने की हिदायत दी गयी. विरोध करने पर उनके साथ बदसलूकी और धमकी दी गई. करीब 4:30 बजे उन्हें जंगल में छोड़ दिया गया. जंगल से उन्होंने एक स्थानीय व्यक्ति की मदद से अपने साथी आनंद केटियार को फोन किया, जिसके बाद पुलिस और समर्थकों को सूचना मिली. आनंद केटियार को यह खबर मिलते ही उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क किया और पनेश्वर की तलाश शुरू करवाई.
एसपी रामगढ़ मुकेश कुमार लुणायत ने बताया कि घटना की जानकारी लेने के बाद रामगढ़ और हजारीबाग की पुलिस ने मिलकर दोनों जगहों का निरीक्षण किया है. सभी एंगल से जांच जारी है.
