कैथा कृषक पाठशाला में 1.70 करोड़ के विकास कार्य, 150 किसान एफपीओ से जुड़े

रामगढ़ की कृषक पाठशाला कैथा किसानों को उन्नत कृषि तकनीक का प्रशिक्षण देने के साथ उनके उत्पादों को सीधे बाजार से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने में मदद कर रही है।

रामगढ़ : नगर परिषद क्षेत्र के कैथा स्थित कृषक पाठशाला में किसानों को उन्नत कृषि तकनीक का प्रशिक्षण देने के साथ उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी पहल की जा रही है. फरवरी 2024 से संचालित इस संस्थान में अब तक करीब 1.70 करोड़ रुपये के विकास कार्य कराये गये हैं. सोशल एक्शन फॉर रूरल डेवलपमेंट रामगढ़ की देखरेख में 20 एकड़ भूमि पर संचालित कृषक पाठशाला में कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन का समेकित मॉडल तैयार किया गया है.

यहां प्रशिक्षण लेने वाले किसानों को तकनीकी जानकारी देने के साथ फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी से जोड़ा जा रहा है. अब तक 150 किसानों का कंपनी में निबंधन कराया जा चुका है. इसका उद्देश्य किसानों को उत्पादन के साथ बाजार से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने में मदद करना है. कृषक पाठशाला में अब तक 450 से 500 किसानों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है.

पैक हाउस और कोल्ड स्टोरेज की सुविधा

कृषक पाठशाला में पैक हाउस, स्टोर रूम और कोल्ड स्टोरेज रूम का निर्माण किया गया है. पैक हाउस में उत्पादित सब्जियों की छंटाई और ग्रेडिंग की जाती है, जबकि स्टोर रूम में अनाज और सब्जियों को सुरक्षित रखा जाता है. पांच मीट्रिक टन क्षमता वाले स्टोर रूम में अनाज और सब्जियों को लंबे समय तक रखने की सुविधा है. स्टोर रूम और कोल्ड स्टोरेज का संचालन सोलर सिस्टम से किया जाता है.

अब तक 75 हजार रुपये की सब्जियों की बिक्री

वर्तमान में कृषक पाठशाला में नैनवा, सतपुटिया, लौकी, स्वीट कॉर्न और बेबीकॉर्न की खेती की जा रही है. मार्च 2026 से अब तक करीब 75 हजार रुपये की सब्जियों की बिक्री की जा चुकी है. वहीं, इस वर्ष करीब 3.30 क्विंटल आम का अचार तैयार कर महादेव एग्रीकल्चर फार्म के नाम से बाजार में बिक्री के लिए उतारा गया है.

पांच एकड़ में श्री विधि से धान की खेती

कृषक पाठशाला में पांच एकड़ भूमि पर श्री विधि से धान की रोपाई की गयी है. इसके अलावा मशरूम की खेती भी की जा रही है. इस वर्ष मशरूम उत्पादन से करीब डेढ़ लाख रुपये की बिक्री का लक्ष्य रखा गया है. पशुपालन के तहत पाठशाला में 40 बकरियां और दो गायें पाली जा रही हैं.

कृषक पाठशाला में किसानों को मधुमक्खी पालन, श्री विधि से धान की खेती, मशरूम उत्पादन और फ्लोरीकल्चर समेत विभिन्न कृषि गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जाता है. पाठशाला में सोलर सिस्टम, बोरिंग, पशु शेड और विभिन्न प्रशिक्षण यूनिट की भी व्यवस्था की गयी है.

कृषक पाठशाला के कृषक सलाहकार इंद्रदेव ने बताया कि पाठशाला का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से प्रशिक्षित करने के साथ उन्हें संगठित कर बाजार से जोड़ना है, ताकि खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सके.

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By डॉ. सलाउद्दीन

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