रामगढ़: चुटूपालू घाटी में ट्रक पलटने के बाद सड़क पर काजू के छिलकों से भरे बोरे और अन्य सामान बिखर गया, जिससे यातायात बहाल करने में अतिरिक्त मशक्कत करनी पड़ी. दुर्घटना की सूचना मिलते ही सफाईकर्मी सड़क पर बिखरे बोरे और मलबे को हटाने में जुट गए. दूसरी ओर पेट्रोलिंग टीम और ट्रैफिक पुलिस पूरे समय मौके पर तैनात रही. पुलिसकर्मियों ने क्रेन से ट्रक हटाने के साथ सड़क खाली कराई और वाहनों का आवागमन सुचारु कराया. प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से सड़क को जल्द साफ कर यातायात सामान्य किया गया, हादसे के कारण लगभग दो घंटे तक यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी झेलनी पड़ी.
इस माह चुटूपालू में हुई दुर्घटनाएं
एक जुलाई को चुटूपालू घाटी में ब्रेक फेल ट्रेलर ने 11 वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया था. हादसे में कई लोग घायल हुए थे और करीब दो घंटे तक एनएच-33 पर जाम लगा रहा. इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे थे.
13 जुलाई को चुटूपालू घाटी में देर रात दो अलग-अलग हादसे हुए थे. पहले एल्वेस्टस शीट लदा ट्रेलर दुर्घटनाग्रस्त हुआ, फिर वन-वे के दौरान कोयला लदे ट्रेलर का ब्रेक फेल हो गया. हालांकि दोनों हादसों में कोई जनहानि नहीं हुई थी.
23 जुलाई को चुटूपालू घाटी में ब्रेक फेल एक भारी वाहन एस्केप लेन में पहुंचकर सुरक्षित रुक गया था. चालक की सूझबूझ और एस्केप लेन की व्यवस्था से बड़ा हादसा टल गया तथा चालक और उपचालक सुरक्षित बच गए.
27 जुलाई को चुटूपालू घाटी में रांची से हजारीबाग जा रही यात्रियों से भरी मनोज रथ बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई थी. हादसे में कई यात्रियों को हल्की चोटें आई थीं और कुछ देर तक यातायात प्रभावित रहा.
