गिद्दी (रामगढ़): गिद्दी सी परियोजना की बंद खदान के जलस्रोत में चारकोल गिराये जाने को लेकर प्रकाशित खबर को अरगड्डा महाप्रबंधक सत्यजीत कुमार ने गंभीरता से लिया है. उन्होंने कहा कि बंद खदान में अब चारकोल गिराये जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. बिना अनुमति बंद खदान या जलस्रोत में चारकोल गिराना बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.
अधिकारियों को दिये गये निर्देश
महाप्रबंधक ने कहा कि भविष्य में यदि कोई व्यक्ति वहां चारकोल गिराते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने गिद्दी सी परियोजना के अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश भी दिये हैं। गिद्दी सी परियोजना पदाधिकारी मो. शकील अख्तर ने कहा कि बंद खदान में अब चारकोल नहीं गिराया जायेगा और इस पर पूरी तरह रोक लगा दी गयी है.
ये भी पढ़ें: मयूरहंड में 14 सितंबर से गणेश महोत्सव, भव्य पंडाल और मेले की तैयारियां तेज
रात के अंधेरे में चारकोल गिराने से उठे सवाल
गिद्दी सी परियोजना की बंद खदान के जलस्रोत में रात के अंधेरे में हाइवा से चारकोल गिराये जाने के मामले ने कई सवाल खड़े कर दिये हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर किसके इशारे पर बंद खदान के जलस्रोत में चारकोल गिराया जा रहा था. हालांकि, मामले को लेकर गिद्दी सी कोलियरी प्रबंधन की ओर से होसिर फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ ऑनलाइन मामला दर्ज कराया गया है.
पेयजल स्रोत में चारकोल डालने से प्रदूषण का खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के अंधेरे में लगातार चारकोल गिराया जाना सामान्य घटना नहीं हो सकती. जिस जलस्रोत का इस्तेमाल मजदूर और ग्रामीण पेयजल जरूरतों के लिए करते हैं, वहां औद्योगिक सामग्री डाले जाने से पानी के प्रदूषित होने और लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है. ग्रामीणों ने मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
ये भी पढ़ें: पतरातू में PM आवास की सूची से 78 नाम हटाने पर विवाद, लाभुकों ने प्रखंड कार्यालय में दिया आवेदन
