2.68 करोड़ से बने सीएचसी की उपयोगिता शून्य

चिकित्सक नहीं होने से लोगों का नहीं हो पा रहा इलाज, लोगों को इलाज के लिए जाना पड़ता है दूसरी जगह

ऊंटारी रोड.

ऊंटारी रोड प्रखंड में वित्तीय वर्ष 2017-18 में दो करोड़ 68 लाख की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कराया गया था. इसका शिलान्यास व उदघाटन पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सह स्थानीय विधायक रामचंद्र चंद्रवंशी द्वारा किया गया था. भवन के उदघाटन के बाद लोगों में उम्मीद जगी थी कि क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होगी. लेकिन यहां आज तक एक भी स्थायी डॉक्टर नहीं रहे. चार डॉक्टरों की यहां नियुक्ति हुई और चार दिनों में उनका स्थानांतरण भी हो गया. यह हॉस्पिटल सिर्फ आउटसोर्सिंग कर्मी एवं एनआरएचएम द्वारा नियुक्त एएनएम के माध्यम से दवा का केंद्र बनकर रह गया है. बताया गया कि विश्रामपुर प्रभारी राजेंद्र प्रसाद द्वारा इस अस्पताल की देखरेख की जाती है. ग्रामीण क्षेत्र की जनता का इलाज, परिवार नियोजन आदि विभाग के अखिलेश्वर विश्वकर्मा के माध्यम से किया जाता है. आउटसोर्सिंग कर्मचारी नये हैं, लेकिन वह भी अपना समय अस्पताल में नहीं देते हैं. हमेशा गायब रहते हैं. यह सब देखने वाला कोई नहीं है. प्रखंड की जनता के लिए इलाज के नाम पर शून्य सुविधा रह गयी है. बीमार लोगों को इलाज के लिए यहां से 20 से 50 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है. लेकिन यहां सारी सुविधा होते हुए भी डॉक्टर का अभाव है. 108 का एक एंबुलेंस में उपलब्ध है. लेकिन किसी भी आपात स्थिति में यहां मरीज नहीं आते. कहीं बाहर जाकर अपना इलाज कराते हैं.

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