बंद पड़े पत्थर खदान की झाड़ी में मिले शव की पहचान पुलिस जवान के रूप में हुई

Police Jawan Found Dead: पलामू जिले में मिले एक शव की पहचान पुलिस जवान के रूप में हुई है. लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के बोहिता गांव में बंद पड़े पत्थर खदान की झाड़ी के समीप से 2 दिन पहले एक शव बरामद हुआ था. गुरुवार को उसकी पहचान चियांकी निवासी पुलिस के जवान विजय उरांव के रूप में हुई.

Police Jawan Found Dead| मेदिनीनगर, रमेश रंजन : पलामू जिले लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के बोहिता गांव में बंद पड़े पत्थर खदान की झाड़ी के समीप से 2 दिन पहले एक अज्ञात युवक का शव बरामद किया गया था. इसकी पहचान पुलिस जवान विजय उरांव के रूप में हुई. पुलिस जवान देवघर में श्रावणी मेला की ड्यूटी के बाद से लापता था. पुलिस ने जवान के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया है.

Police Jawan Found Dead: चियांकी के रहने वाले थे विजय उरांव

विजय उरांव पलामू के सदर थाना क्षेत्र के चियांकी के रहने वाले थे. विजय उरांव पुलिस ट्रेनिंग सेंटर मुसाबनी में ट्रेनिंग कर रहे थे. इसी क्रम में उनकी ड्यूटी देवघर श्रावणी मेले में लगी थी. पुलिस जवान से उनके परिवार वालों का श्रावणी मेले के बाद से ही बातचीत नहीं हो रही थी.

जांच के लिए सीटीसी मुसाबनी गये थे परिजन

जवान भी विजय की खोजबीन कर रहे थे. मामले की जांच के लिए परिवार के लोग सीटीसी मुसाबनी भी गयी थी. एसडीपीओ मनोज कुमार झा ने बताया के शव की पहचान पुलिस जवान विजय उरांव के रूप में हुई है. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. अनुसंधान जारी है.

झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

गुरुवार 2 बजे चरवाहा ने पहली बार देखा शव

गुरुवार को लगभग 2 बजे दोपहर शव को चरवाहा ने देखा था. इसके बाद पुलिस को सूचना दी गयी. लेस्लीगंज थाने के एसआई सच्चिदानंद शर्मा के नेतृत्व में पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर छानबीन शुरू कर दी. शव मिलने की खबर मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ लग गयी. घटना के बाद ग्रामीणों में हड़कंप मचा हुआ है.

शव के पास पानी का बोतल, डिस्पोजल ग्लास भी मिला

प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, घटना बीती रात की हो सकती है. मृत युवक के पास से पुलिस ने पानी का बोतल, डिस्पोजल ग्लास के अलावा कुछ दूरी पर मेमोरी से बजने वाले बाजा के अलावा चप्पल बरामद किया गया. बताया जाता है कि चरवाहा पशु चराने के दौरान दुर्गंध आने पर पास गया, तो शव को देखा गया.

इसे भी पढ़ें : रामदयाल मुंडा का सपना अधूरा, 32 जनजातियों का साझा सांस्कृतिक स्थल आज भी उपेक्षित

मृतक ने पहन रखी थी काले रंग की शर्ट और जींस

ग्रामीणों के अनुसार मृत युवक ने काले रंग की शर्ट और जींस पहन रखी थी. उसके गले में गमछा लगा हुआ है. इससे आशंका व्यक्त की जा रही है कि गला दबाकर उसकी हत्या की गयी है. उसके बाद शव को पत्थर से कूच दिया गया था.

इसे भी पढ़ें

एंटी लैंड माइंस ह्विकल में गैंगस्टर मयंक सिंह की रामगढ़ कोर्ट में हुई पेशी, 50 से अधिक केस हैं दर्ज

रांची में नकली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़, 5 आरोपी गिरफ्तार

भारत सरकार की मदद से कैमरून में फंसे 17 प्रवासी मजदूर आज लौट रहे घर, परिजनों में खुशी की लहर

झारखंड में 30 तक बारिश से राहत नहीं, कई जिलों में IMD का अलर्ट

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >