मेदिनीनगर. जिला मुख्यालय मेदिनीनगर के रांची रोड रेड़मा के शिव कुमार पांडेय ने एक नयी साहित्यिक शैली का अविष्यकार किया है. 64 चाली 24 शब्दीय शब्द अंताक्षरी शैली वर्ष 2026 में इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज हुआ. रचनाकार को मेडल व प्रशस्ती पत्र से सम्मानित किया गया. श्री पांडेय ने बताया कि 24 शब्दीय शब्द अंताक्षरी शैली में संपूर्ण रामायण का सार शामिल है. इसके माध्यम से प्रभु श्रीराम के गुण, कर्म व स्वभाव का वर्णन किया गया है. विश्व का यह पहला साहित्य शैली है, जो तीन नियमों पर आधारित है. इस शैली का खासियत यह है कि शब्द के अंतिम अक्षर से दूसरे शब्द की शुरूरुआत होती है. यही वजह है कि इसे शब्द अंताक्षरी शैली कहा गया है. 24 शब्दों का प्रयोग कर रामायण के सार तत्व की रचना की गयी है. उन्होंने बताया कि इससे पहले उनकी रचना एक शब्दीय रामायण जिसमें 3046 अक्षर थे. वह विश्व कृतिमान स्थापित किया. वर्ष 2024 में इस रचना के लिए उन्हें सम्मानित किया गया.
इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दूसरी बार दर्ज हुआ शिव पांडेय की रचना
इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दूसरी बार दर्ज हुआ शिव पांडेय की रचना
