शिवेंद्र कुमार की रिपोर्ट
Palamu News : झारखंड के पलामू जिले में भीषण गर्मी और अनियमित बिजली आपूर्ति से शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के लोग परेशान है. इससे लोगों को जीना दूभर हो गया है. पलामू जिला को औसतन 132 मेगावाट बिजली की जरूरत है, लेकिन 97 मेगावाट बिजली आपूर्ति हो रही है. पलामू में डालटनगंज, छतरपुर और हुसैनाबाद डिवीजन है. बिजली विभाग के अनुसार डालटनगंज डिवीजन में 85 मेगावाट की जरूरत है. जबकि 65 मेगावाट आपूर्ति की जा रही है. छतरपुर डिवीजन में 32 की जगह 17 मेगावाट और हुसैनाबाद डिवीजन में 15 मेगावाट आपूर्ति हो रही है. छतरपुर डिवीजन में हरिहरगंज, पीपरा और नौडीहा बाजार का क्षेत्र आता है. बिजली की आपूर्ति कम होने के कारण इन क्षेत्रों में बिजली की काफी समस्या है. डालटनगंज शहरी क्षेत्र में 20 घंटा बिजली मिल रही है.
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली संकट गहराया
ग्रामीण क्षेत्रों में 12 से 14 घंटा बिजली मिल रही है. वह भी नियमित नहीं है. आंधी तूफान के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में कई घंटों तक बिजली गुल हो जाती है. विभागीय कर्मियों का कहना है कि सबसे ज्यादा परेशानी शाम छह बजे से लेकर रात 11 बजे तक ग्रामीण क्षेत्रों को होती है. ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली की आपूर्ति बंद कर शहरी क्षेत्रों में देने की कोशिश की जाती है. इसके पूर्व दूसरे राज्यों से बिजली निर्भर रहता था, तो विभाग के कर्मचारियों का बहाना होता था, लेकिन पलामू को हटिया ग्रिड से जुड़ने के बाद हद तक समस्या दूर हो गया है. लहलहे में नेशनल ग्रीड भी बन चुका है. वर्तमान में पूरे जिले को बिजली सप्लाई की जाती है, लेकिन समस्या दूर नहीं हो सकी. लगातार तापमान बढ़ने से आमलोगों को 24 घंटे बिजली के बिना रहना मुश्किल हो गया है. किसानों को मोटर चलाने के लिए बिजली की आवश्यकता पड़ती है. लेकिन नियमित बिजली नहीं मिलने के कारण खेतों में पटवन नहीं कर पाते हैं. जिससे सब्जी उत्पादन पर भी असर पड़ रहा है.
क्या सिस्टम है बिजली सप्लाई का ?
जानकारी के अनुसार सेंट्रल लोड डिवीजन से स्टेट लोड डिवीजन को बिजली दी जाती है. स्टेट लोड डिवीजन सभी सब स्टेशनों को बिजली सप्लाई करता है. सेंट्रल लोड डिवीजन से स्टेशन को बिजली कम दिया जाता है. उसका असर बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ता है. आम लोगों को एक तरफ बिजली नहीं मिल पा रही है. वही व्यवसायी भी इससे काफी परेशान है. व्यवसायियों का कहना है कि गर्मी के दिनों में व्यवसाय प्रभावित हो गया है. इसके लिए बिजली विभाग को ध्यान देना चाहिए. गर्मी के दिनों में लोगों के द्वारा फ्रिज, कूलर, एसी का इस्तेमाल होने से ट्रांसफार्मर पर लोड बढ़ा है. पलामू का तापमान प्रतिदिन 42 डिग्री से अधिक रहता है. जिसके कारण लोग गर्मी झेलने को विवश हैं.
होटल और रेस्टहाउस खुलने से बढ़ी है समस्या
मुख्य शहर के बाजार क्षेत्र में पहले से ज्यादा होटल और रेस्टहाउस खुल गए है. एसी और कूलर की भरमार है. बिजली की खपत पहले से ज्यादा बढ़ गई है. स्थानीय लोगो के अनुसार इस बार के गर्मी में बिजली ज्यादा परेशान कर रही है.
बच्चे, बुजुर्ग और मरीज परेशान
गर्मी के कारण बच्चे, बुजुर्ग और मरीजों को परेशानी हो रही है. जहां एक ओर शरीर में पानी की कमी हो जा रही है. वहीं बिजली नहीं रहने के कारण उमस से सभी को जीना दूभर हो गया है.
क्या कहना है स्थानीय लोगों का ?
जैन मंदिर रोड में रहने वाले अमरनाथ सोनी ने बताया कि इस बार की गर्मी जहां एक ओर सभी रिकॉर्ड तोड़ रही है. बिजली की आपूर्ति कम होने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है. व्यवसायी ने बताया कि बिजली की आपूर्ति नियमित नहीं होने से व्यवसाय प्रभावित हो जाता है. गर्मी से लोग परेशान रहते हैं.
लोड बढ़ने के कारण हो रही है परेशानीः कार्यपालक अभियंता
बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार ने कहा कि गर्मी के कारण बिजली की खपत बढ़ी हुई है. लोड बढ़ने के कारण बिजली कटने की समस्या हो रही है. उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में 24 घंटा बिजली आपूर्ति की कोशिश की जा रही है. ग्रामीण क्षेत्रों में थोड़ी परेशानी है. उन्होंने कहा कि ट्रांसफार्मर के नीचे मोहल्ले वाले अक्सर कुड़ा रख दे रहे हैं. उसके बाद उसमें आग लगा देते हैं. जिसके कारण बिजली का तार भी जल जा रहा है. विद्युत आपूर्ति बाधित हो रही है. उन्होंने लोगों से अपील किया कि ट्रांसफार्मर के नीचे कूड़ा रखकर आग ना लगाए.
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