रामनरेश तिवारी की रिपोर्ट
Palamu News: पलामू जिले के पाटन प्रखंड स्थित किशुनपुर ओपी को पिकेट बनाए जाने के बाद स्थानीय व्यवसायियों और आमजनों में भारी आक्रोश व्याप्त है. पाटन प्रखंड के किशुनपुर ओपी को पिकेट बनाये जाने पर स्थानीय व्यवसायियों ने रविवार को सभी प्रतिष्ठान को बंद कर दिया है.
व्यवसायियों ने जताई असुरक्षा की भावना
लोगों का कहना है कि किशुनपुर उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्र रहा था. इस क्षेत्र के व्यवसायियों में भय व्याप्त था. इसके कारण व्यावसायिक दृष्टिकोण से पिछड़ा रहा है. व्यवसायी असुरक्षित महसूस करते थे. लेकिन वर्ष 2009 में पुलिस पिकेट स्थापित किया गया. तो किशुनपुर व्यवसायिक दृष्टिकोण से मजबूत होने लगा. विकास में तेजी आने लगा. किशुनपुर बाजार से ओपी तक मुख्य सड़क के दोनों किनारे दुकानें बनाना शुरू हुआ. वर्ष 2014 में विष्णुदयाल राम सांसद बने. इसके किशुनपुर को गोद लिया. इस क्रम में सांसद द्वारा किशुनपुर में स्टेट बैंक के शाखा स्थापित करवाया गया. कई सड़कें बनायी. वर्ष 2018 में किशुनपुर को पुलिस पिकेट से ओपी का दर्जा मिला. जिससे क्षेत्र में अमन चैन कायम हुआ. इसके बाद व्यवसाय के क्षेत्र में विकसित हुआ. व्यवसायी बेखौफ व्यवसाय को आगे बढ़ाने में लगे रहे. लेकिन अचानक बुधवार को ओपी के स्थान पर पिकेट लिखा पाया, तो व्यवसायियों के मन में भय पैदा होने लगा. व्यवसायियों का कहना है कि लगन के समय रात में 10 बजे तक दुकानें खुला रखते है. बिना किसी डर के दुकानों को संचालित करते थे. आखिर अचानक ऐसी कौन सी स्थिति बन गयी कि किशुनपुर ओपी को पिकेट बनाना पड़ गया.
बैठक कर आंदोलन की रणनीति तैयार
किशुनपुर देवी मंडप के पास पाटन मध्य के पूर्व जिप सदस्य के नेतृत्व में व्यवसायियों और आमजनों की बैठक हुई. बैठक में किशुनपुर ओपी को पिकेट बनाने की घोर निंदा की गई. इसके विरोध में चरणबद्ध तरीके आंदोलन करने का निर्णय लिया गया. बैठक में निर्णय लिया गया कि शुक्रवार को जिले के वरीय पदाधिकारी को लिखित सूचना दी जाएगी. रविवार को व्यवसायियों और आमलोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से किशुनपुर बाजार को बंद कर दिया है. व्यवसायियों और आमजनों की बातों को पूरा नहीं किया जायेगा, तो किशुनपुर में चक्का जाम किया जाएगा.
उग्रवाद के दौर की घटनाओं को किया याद
व्यवसायियों का कहना है कि किशुनपुर में पुलिस पिकेट स्थापित होने के पहले उग्रवादियों द्वारा कई घटनाओं को अंजाम दिया गया था. किशुनपुर में रात को कौन कहे दिन में भी भय का वातावरण रहता था. किशुनपुर में पिकेट स्थापित होने के पहले उग्रवादियों द्वारा एक निजी चिकित्सक की हत्या कर दी गई थी. जबकि पुलिस व उग्रवादियों के बीच मुठभेड़ भी हुआ था. इसके बाद किशुनपुर के व्यवसायियों में और भी भय पैदा हो गया.
डीआइजी से मिले पूर्व जिप सदस्य
पूर्व जिप सदस्य नंदकुमार राम ने पलामू डीआइजी किशोर कौशल से मिलकर मामले से अवगत कराया था. डीआइजी ने बताया कि प्रभात खबर में छपी खबर संज्ञान में है. किन अधिकारी के कहने पर ओपी से पिकेट बदला गया है. इसकी जांच कराने की बात कही है. नंदकुमार राम ने कहा कि इस मामले में अविलंब कारवाई नहीं की गई, तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा.
बड़ी संख्या में मौजूद रहे व्यवसायी
सुखलाल प्रजापति, इकबाल अंसारी, संतोष उपाध्याय, महेंद्र चौधरी, सुभाष साव, विकास उपाध्याय, विनोद सोनी, नवल किशोर तिवारी, श्रीकांत तिवारी, अजय प्रसाद, हिमांशु कश्यप, ओमप्रकाश गुप्ता, राजीव मालाकार, प्रमोद गिरी, संतोष पांडेय, धीरेंद्र नारायण उपाध्याय, विकास रजक, राजू पासवान, कृष्ण उपाध्याय, प्रदीप दुबे, देवेंद्र सोनी, विजय सोनी, बिहारी सोनी, सुशील कश्यप, ददन गुप्ता, सरफुद्दीन अंसारी, मोहम्मद नईम अंसारी समेत अन्य कई व्यवसायी मौजूद थे.
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