मेदिनीनगर से शिवेंद्र कुमार की रिपोर्ट
Medininagar Municipal Corporation, पलामू : पलामू जिले के मेदिनीनगर नगर निगम कार्यालय में अब अधिकारी और कर्मचारी अपनी मनमर्जी से न तो आ पाएंगे और न ही लंच के नाम पर घंटों गायब रह पाएंगे. निगम की मेयर अरुणा शंकर ने कार्यालय में पदस्थापित सभी अधिकारी और कर्मियों को हर हाल में समय पर दफ्तर आने का कड़ा निर्देश दिया है. मेयर ने साफ तौर पर कहा है कि निगम के कामकाज और कर्मचारियों के रवैये को लेकर आम जनता और पार्षदों द्वारा लगातार शिकायतें मिल रही थीं. शिकायतों में कहा गया था कि दफ्तर से ज्यादातर कर्मचारी गायब रहते हैं और दोपहर में लंच करने का कोई टाइम टेबल ही नहीं है, जिसके कारण दूर-दराज से आने वाले लोग दिनभर परेशान होते रहते हैं.
दो दिनों में तय होंगे टेबल नंबर और काम का विवरण
मेयर अरुणा शंकर ने इस अव्यवस्था को दूर करने के लिए सहायक नगर आयुक्त को एक आधिकारिक पत्र लिखा है और इन सभी लापरवाहियों पर जवाब मांगा है. उन्होंने निर्देश दिया है कि अगले दो दिनों के भीतर सभी कर्मचारियों का टेबल नंबर अनिवार्य रूप से निर्धारित किया जाए. इसके साथ ही यह भी साफ-साफ लिखा होना चाहिए कि किस टेबल के कर्मचारी को कौन सा कार्य आवंटित किया गया है, ताकि निगम में अपना काम कराने पहुंचने वाले आम नागरिकों को भटकना न पड़े और उन्हें तुरंत सही जानकारी मिल सके.
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आईकार्ड पहनना अनिवार्य, लंच का समय होगा तय
मेदनीनगर के मेयर ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि सभी निगम कर्मी अपनी कार्य संस्कृति में सुधार करें, अन्यथा जनता के कार्यों में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अब से सभी कर्मियों के लिए ड्यूटी ऑवर (कार्य अवधि) के दौरान अपने नाम और पद के साथ आई कार्ड (Identity Card) पहनना अनिवार्य कर दिया गया है. इसके अलावा, कर्मियों के कार्यालय पहुंचने, वापस जाने और दोपहर में लंच करने का एक फिक्स समय निर्धारित करने को कहा गया है.
मुख्य द्वार पर लगेंगे दो विशेष रजिस्टर
निगम कार्यालय की सुरक्षा और पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए मुख्य द्वार पर दो अलग-अलग रजिस्टर रखने का निर्देश दिया गया है:
- पहला रजिस्टर (आगंतुक रजिस्टर): इसमें दफ्तर आने वाले हर बाहरी व्यक्ति (विजिटर) का नाम, मोबाइल नंबर, उनके काम का विवरण, और वे जिस कर्मचारी से मिलने आए हैं उसका नाम व हस्ताक्षर दर्ज किया जाएगा.
- दूसरा रजिस्टर (कर्मचारी उपस्थिति रजिस्टर): इसमें कार्य अवधि के दौरान निगम कर्मियों के आने-जाने और उनके फील्ड वर्क की पूरी सूचना दर्ज होगी, ताकि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण (सरप्राइज चेकिंग) के वक्त इस रिकॉर्ड को देखा जा सके.
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