Palamu News: कब्रिस्तान की चहारदीवारी के नाम पर सरकारी राशि के इस्तेमाल पर सवाल, निजी जमीन में खेती और पेड़ होने का दावा

पांकी में कब्रिस्तान की चहारदीवारी के नाम पर सरकारी राशि के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। निजी जमीन और सार्वजनिक कुएं को घेरने के आरोपों की जांच की मांग की गई है।

पांकी, पलामू : पांकी प्रखंड के आसेहार पंचायत अंतर्गत मगहिया टोला में कब्रिस्तान की चहारदीवारी निर्माण के नाम पर सरकारी राशि के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है. ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी योजना के तहत कब्रिस्तान की चहारदीवारी के नाम पर निजी जमीन की घेराबंदी कर दी गयी. घेराबंदी के अंदर एक हिस्से में तिल की खेती है, जबकि दूसरे हिस्से में शीशम और सागवान के पेड़ लगे हुए हैं. इससे निर्माण कार्य की जरूरत और सरकारी राशि के इस्तेमाल पर सवाल उठ रहे हैं.

ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी योजना की राशि का सही उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया गया. उनका कहना है कि कागज पर सरकारी काम और जमीन पर निजी उपयोग का मामला सामने आया है. ग्रामीणों ने पूरे मामले की स्थल जांच कराकर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है.

पांकी मस्जिद के पीछे भी निर्माण पर सवाल

पांकी मस्जिद के पीछे स्थित कब्रिस्तान की चहारदीवारी को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाये हैं. आरोप है कि चहारदीवारी निर्माण के दौरान नाली को भी घेराबंदी के अंदर कर दिया गया. पास स्थित पिछड़ी जाति के लोगों के सार्वजनिक पेयजल कुएं को भी चहारदीवारी के दायरे में शामिल किये जाने की बात कही जा रही है. ग्रामीणों के मुताबिक, एक पशु शेड को तोड़कर उसे भी चहारदीवारी के दायरे में कर दिया गया.

स्थल जांच से सामने आ सकता है सच

ग्रामीणों का कहना है कि योजना की मापी, स्थल जांच, जमीन के कागजात और योजना की स्वीकृति की जांच से पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकती है. सवाल उठ रहा है कि यदि चहारदीवारी कब्रिस्तान के लिए स्वीकृत हुई थी, तो निजी उपयोग वाली जमीन, सार्वजनिक कुआं, नाली और पशु शेड इसके दायरे में कैसे आये. ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से निष्पक्ष जांच कर सरकारी राशि के कथित दुरुपयोग की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है.

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By Prabhat khabar news desk

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