साइडिंग से दूसरे दिन भी बंद रही कोयले की ढुलाई

साइडिंग से 16 जनवरी से पत्थर की ढुलाई रुकी हुई है.

रेलवे को 15 से 16 करोड़ के राजस्व का नुकसान नगर प्रतिनिधि, पाकुड़ पाकुड़ रेलवे साइडिंग से रविवार को कोयला ढुलाई पूरी तरह बंद रही. वहीं, पाकुड़ पत्थर साइडिंग से 16 जनवरी से पत्थर की ढुलाई रुकी हुई है. इस कारण रेलवे को प्रतिदिन करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ रहा है. जानकारी के अनुसार, पाकुड़ और साहिबगंज में कई ट्रेनों के ठहराव व रेलवे स्टेशन में बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की मांग को लेकर झामुमो नेता पंकज मिश्रा के आह्वान पर कोयला ढुलाई शनिवार से बंद की गयी. पत्थर ढुलाई में भी परेशानी बनी हुई है. ढुलाई बंद होने से रेलवे को करीब 15 से 16 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान रोजाना हो रहा है. इधर, हाईवा ऑनर और ट्रांसपोर्टर भी परेशान हैं. आलुबेड़ा कोल माइंस से पाकुड़ रेलवे साइडिंग तक कोयला ढुलाई की भाड़ा बढ़ोतरी को लेकर लंबे समय से मांग की जा रही थी. कम ट्रिप होने और कोयला ढुलाई बंद होने के कारण आमदनी प्रभावित हो रही है. झारखंड सरकार को भी रोजाना करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है. अमड़ापाड़ा से पाकुड़ तक हाइवा द्वारा कोयला ढुलाई जारी है, लेकिन रेलवे साइडिंग में स्टॉक की पर्याप्त जगह न होने के कारण यह बाधित हो रही है. झारखंड सरकार को प्रति टन कोयले से लगभग 1500 रुपये राजस्व प्राप्त होता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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By SANU KUMAR DUTTA

SANU KUMAR DUTTA is a contributor at Prabhat Khabar.

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