पाकुड़ : रविंद्र भवन टाउन हॉल में शनिवार को जिला प्रशासन की ओर से ‘नव-दिशा पाकुड़’ समग्र शिक्षा गुणवत्ता एवं बाल विकास कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया. कार्यक्रम में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, संस्कार, रचनात्मकता, आत्मविश्वास और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया. इस अवसर पर ‘नन्हे नागरिकों की मार्गदर्शिका’, ‘विद्यार्थियों की मार्गदर्शिका’ और ‘हम और जेंडर’ सेंसिटाइजेशन मॉड्यूल का विमोचन किया गया. साथ ही शिक्षा क्षेत्र में विभिन्न गतिविधियों के प्रभावी संचालन के लिए जिला प्रशासन और फिलो एडटेक के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए.
उपायुक्त ने किया जिम्मेदारी और अनुशासन का आह्वान
कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त मेघा भारद्वाज, जिला शिक्षा पदाधिकारी अनीता पूर्ति, जिला शिक्षा अधीक्षक, एडीपीओ तथा फिलो एडटेक के निदेशक एवं प्रबंधक ने संयुक्त रूप से किया.
उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि ‘नव-दिशा पाकुड़’ केवल पढ़ाई तक सीमित कार्यक्रम नहीं है. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में अच्छे व्यवहार, अनुशासन, जिम्मेदारी और आत्मविश्वास विकसित कर उन्हें बेहतर नागरिक बनाना भी है. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और शिक्षकों का व्यवहार कैसा होना चाहिए तथा विद्यालय की संपत्ति की देखभाल किस प्रकार की जानी चाहिए, इन विषयों को भी मॉड्यूल में शामिल किया गया है. विद्यार्थियों को इन आदतों को विद्यालय तक सीमित नहीं रखते हुए दैनिक जीवन में अपनाना चाहिए.
जेंडर सेंसिटाइजेशन पर भी रहेगा फोकस
उपायुक्त ने कहा कि विद्यार्थियों में एक-दूसरे के प्रति सम्मान, समानता और समझ की भावना विकसित करना जरूरी है. इसके लिए शिक्षकों के लिए जेंडर सेंसिटाइजेशन मॉड्यूल और बुकलेट तैयार की गयी है. विद्यालयों में नियमित गतिविधियों के साथ फील्ड एक्टिविटी के माध्यम से विद्यार्थियों को इन विषयों से जोड़ा जाएगा.
जेएसी पाठ्यक्रम के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने कहा कि कई विद्यालयों में शिक्षकों की सीमित उपलब्धता के कारण विद्यार्थियों को अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग की जरूरत होती है. ‘नव-दिशा पाकुड़’ के तहत अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग और 24×7 लाइव इंटरएक्टिव क्लास उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है. इससे जेएसी पाठ्यक्रम समय पर पूरा कराने, परीक्षा परिणाम में सुधार और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में विद्यार्थियों को मदद मिलेगी.
उन्होंने विद्यार्थियों से लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने की अपील की. कहा कि सिविल सर्विसेज, डॉक्टर, इंजीनियर, सेना या किसी अन्य क्षेत्र में जाने का सपना हो सकता है. बड़ा सपना देखने में संकोच नहीं करना चाहिए. आज के समय में हार्ड वर्क के साथ स्मार्ट वर्क भी जरूरी है.
इंटरनेट के सही इस्तेमाल पर जोर
उपायुक्त श्रीमती भारद्वाज ने कहा कि इंटरनेट ज्ञान और जानकारी का बड़ा माध्यम है, लेकिन सही जानकारी का चयन और उसका उचित उपयोग भी जरूरी है. शिक्षकों और अभिभावकों को विद्यार्थियों को इंटरनेट के सही उपयोग के लिए मार्गदर्शन देना चाहिए.
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों का नियमित मूल्यांकन होगा तथा शैक्षणिक और गतिविधि आधारित प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी. बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और विद्यालयों को आगे की तैयारी के लिए विशेष सहयोग दिया जाएगा.
कक्षा एक से 12वीं तक के विद्यार्थियों पर फोकस
जिला शिक्षा पदाधिकारी अनीता पूर्ति ने कहा कि ‘नव-दिशा पाकुड़’ एक अम्ब्रेला कार्यक्रम है, जिसके माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता, बाल विकास, संस्कार, जागरूकता, नवाचार और कौशल विकास से जुड़ी गतिविधियों को एक मंच पर लाया जाएगा. कक्षा एक से 12वीं तक के विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान दिया जाएगा.
वर्षभर विद्यालयों में विज्ञान प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, वाद-विवाद, निबंध लेखन, स्वच्छता, सड़क सुरक्षा और जन-जागरूकता जैसी गतिविधियां आयोजित होंगी.
शिक्षकों और विद्यार्थियों को दी गयी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों को विभिन्न मॉड्यूल और गतिविधियों की जानकारी दी गयी. मौके पर विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं मौजूद थे.
