कुड़ू से अमित कुमार राज की रिपोर्ट
लोहरदगा: लोहरदगा जिले के कुड़ू प्रखंड में 15वें वित्त आयोग के पैसों का बंदरबांट हुआ है. प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में मुखिया और पंचायत सचिवों की मिलीभगत से नियमों को ताक पर रखकर चहेते वेंडर्स को मनमाने ढंग से अलग-अलग राशि का भुगतान किया गया है. हालत यह है कि बेंच लगाने के महज पांच महीने के भीतर ही कई स्थानों पर आरसीसी (RCC) बेंचों में दरारें आ चुकी हैं.
न लाभुक समिति बनी, न इंजीनियरों ने बनाया प्राक्कलन
केंद्र और राज्य सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार, 15वें वित्त आयोग की राशि खर्च करने के लिए वार्षिक कार्य योजना में ग्राम सभा के माध्यम से चयनित लाभुक समिति के जरिए और अभियंताओं (इंजीनियरों) की मापी पुस्तिका (Measurement Book) के अनुसार ही काम कराने का प्रावधान है. लेकिन कुड़ू प्रखंड में इस पूरी प्रक्रिया को गायब कर दिया गया. साजिश के तहत केवल ऑनलाइन मोड में योजना का मेंशन किया गया और बगैर किसी लाभुक समिति के चयन या इंजीनियरों द्वारा प्राक्कलन (Estimate) बनाए, सीधे चहेते वेंडर्स को काम बांट दिया गया. इतना ही नहीं, नियमों के मुताबिक एक यूनिट में 10 से 15 बेंच लगानी थीं, लेकिन राशि डकारने के खेल में 15 की जगह कहीं 10 तो कहीं 12 बेंच ही लगाई गईं.
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बाजार में कीमत 3,000 रुपये
इस पूरे घोटाले का सबसे चौंकाने वाला पहलू बेंचों की कीमत और उनका भुगतान है. बाजार में पांच फीट लंबाई और निर्धारित मोटाई वाले मानक आरसीसी बेंच की कीमत महज 3,000 रुपये है. सरकारी राशि का गबन करने के लिए कुछ पंचायतों में प्रति बेंच 7,000 रुपये तो कुछ में 10,000 रुपये तक का भारी-भरकम भुगतान वेंडर्स को कर दिया गया. इस संबंध में प्रखंड के एक अभियंता ने पुष्टि की है कि आरसीसी बेंच लगाने के लिए न तो कोई प्राक्कलन बनाया गया है और न ही खर्च की गई राशि की कोई मापी पुस्तिका तैयार की गई है.
प्रभारी बीडीओ सह सीओ ने कहा- मामला गंभीर, होगी जांच
“आरसीसी बेंच खरीद मामले में नियमों के उल्लंघन की जानकारी फिलहाल मुझे नहीं है. लेकिन अगर एक ही प्रकार की बेंच खरीद के लिए अलग-अलग पंचायतों में अलग-अलग और अत्यधिक राशि का भुगतान किया गया है, तो यह पूरी तरह से गलत और नियमों के विरुद्ध है. इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को पत्र भेजा जाएगा.”
संतोष उरांव, प्रभारी बीडीओ सह सीओ, कुड़ू
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