बजट में सरकार किसानों के हितों का रखे ख्याल

प्रभात खबर की ओर से बजट से पूर्व किसानों के साथ परिचर्चा कार्यक्रम आयोजित किया गया.

लोहरदगा. प्रभात खबर की ओर से बजट से पूर्व किसानों के साथ परिचर्चा कार्यक्रम आयोजित किया गया. मौके पर किसानों ने बड़े ही बेबाक तरीके से अपनी बातों को प्रभात खबर के साथ परिचर्चा में रखा. किसानों ने कहा कि अब तक किसानों को सिर्फ अन्नदाता ,धरतीपुत्र आदि उपमाओं से अलंकृत किया गया. लेकिन धरातल पर किसानों के साथ हमेशा से छल होता आया है. किसान आज भी समस्याओं के आगोश में समाए हुए हैं. ना तो उनके लिए कोई बेहतर प्रावधान है ना ही उनके दुखों को दूर करने का कोई उपाय ही किया जाता है. किसान हमेशा छले जाते रहे हैं .किसानों ने एक स्वर में कहा कि अबुआ सरकार है और इस सरकार से उन्हें काफी उम्मीदें हैं .किसानों के हित के लिए इस बार बजट में विशेष प्रावधान होना चाहिए. किसानों ने बताया कि लोहरदगा को कृषि प्रधान जिला कहा जाता है, लेकिन दुर्भाग्य की बात है यहां न तो कोई फूड प्रोसेसिंग यूनिट है और नहीं एक भी कोल्ड स्टोरेज है, ना तो किसानों के समक्ष सिंचाई की बेहतर सुविधा है और न ही उन्हें उन्नत बीज ही समय से मिल पाता है. भ्रष्टाचार के आगोश में पूरा कृषि तंत्र समाप्त हुआ है. बैंक में जाने पर उनका आर्थिक मानसिक और अन्य तरीके से शोषण किया जाता है. बैंक कर्मियों के व्यवहार से किस आहत हैं. ऐसे बैंक के पदाधिकारी और कर्मचारियों पर सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए. क्योंकि केसीसी लोन के नाम पर भी किसानों को आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है. किसानों ने कहा कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने वाला बजट होना चाहिए. जिसमें बाजार के व्यवस्था के साथ-साथ कृषि उत्पादन का उचित मूल्य का प्रावधान होनी चाहिए.किसान सुनील साहू,सुलेमान अंसारी, महादेव उरांव,अब्दुल रउफ अंसारी,यूसुफ अंसारी, रोजउद्दीन अंसारी,मुमताज अंसारी,विष्णु उरांव, व अन्य किसानों ने कहा कि कृषी क्षेत्र में सोलर एनर्जी से किसानों को जोड़ने की व्यवस्था होनी चाहिए. जिससे खेती आसान किया जा सके. खेतों में सोलर सिस्टम लगने से सिंचाई में सुविधा उपलब्ध होगी. बिजली समस्या से निजात मिलेगी. खेती में लागत कम होगी,बिजली पर निर्भरता नहीं होगी. वहीं किसानों को अधिक संख्या में बोरिंग का लाभ देने वाला बजट होनी चाहिए.

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By Prabhat khabar news desk

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