बदहाल है सीडीपीओ कार्यालय

भंडरा : भंडरा के बाल विकास परियोजना कार्यालय में हमेशा ताला बंद रहता है. यहां पदस्थापित सीडीपीओ नचिकेता अक्सर गायब ही रहती हैं. कार्यालय में पदस्थापित तीन पर्यवेक्षिका, एक नाजिर, एक आदेशपाल हैं, लेकिन ये अपने कर्तव्यों का ईमानदारी पूर्वक निर्वहन नहीं करते. ऐसा आरोप क्षेत्र के लोगों का है. स्थानीय कुछ लोगों ने बताया […]

भंडरा : भंडरा के बाल विकास परियोजना कार्यालय में हमेशा ताला बंद रहता है. यहां पदस्थापित सीडीपीओ नचिकेता अक्सर गायब ही रहती हैं. कार्यालय में पदस्थापित तीन पर्यवेक्षिका, एक नाजिर, एक आदेशपाल हैं, लेकिन ये अपने कर्तव्यों का ईमानदारी पूर्वक निर्वहन नहीं करते. ऐसा आरोप क्षेत्र के लोगों का है. स्थानीय कुछ लोगों ने बताया कि सरकार महिलाओं एवं बच्चों के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाएं चलायी जा रही है, परंतु यहां पदस्थापित कर्मियों की लापरवाही के कारण इन योजनाओं का समुचित लाभ इन्हें नहीं मिल रहा है.
वहीं आंगनबाड़ी सेविकाओं का कहना है कि कार्यालय में किसी के नहीं रहने के कारण मामूली काम के लिए कई दिन आना पड़ता है. विभागीय रिपोर्ट जमा करने के लिए हर महीना कई दिन आना पड़ता है. तेतरपोका गांव निवासी रउफ मिरदाहा, हफिजुल मिरदाहा, व असगर मिरदाहा कार्यालय के पास खड़े थे. उन्होंने बताया कि हमलोग मुख्यमंत्री लक्ष्मी लाडली योजना का सर्टिफिकेट लेने के लिए आये हैं. अभी तक सर्टिफिकेट नहीं मिला है.
कार्यालय आने से कोई मिलता हीं नहीं है. कार्यालय का चक्कर लगा कर हमलोग थक चुके गये हैं. वहीं कार्यालय के पास मौजूद मोजबुल्ला मिरदाहा, तस्लीम मिरदाहा, कलेश्वर साहू, उषा उरांव, सीतामनी उरांव, सबिला खातून, कुरैशा खातून व अमीना खातून आदि ने बताया कि कार्यालय काम से आये थे. कई दिनों से आ रहे हैं, लेकिन सीडीपीओ से भेंट नहीं होती है. कार्यालय में कोई रहता ही नहीं है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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