भंडरा- लोहरदगा : जब हमें खुशी होती है तो हम उत्सव मनाते हैं. उत्सव मनाने के लिए जब एक क्षेत्र के लोग एक स्थल पर जमा होते हैं तो उसे हम झारखंडी भाषा में जतरा कहते हैं. इस अवसर पर हमारा उपज मिलने लगता है. इस वर्ष धान की फसल अच्छी हुई है. चट्टी जतरा ऐतिहासिक जतरा है. दशहरा पर विजय का उत्सव मनाने के उद्देश्य से इस जतरा का आयोजन किया जाता है. जतरा के आयोजन में सामूहिकता का परिचय चट्टी के लोग देते रहे हैं. सब लोग मिल कर जतरा का आयोजन करते हैं.
यह यहां की उच्च सामाजिकता को दर्शाता है. जतरा के माध्यम से हम अपनी संस्कृति एवं परंपरा का निर्वाह करना सीखते हैं. उक्त बातें चट्टी जतरा के उदघाटन के अवसर पर भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश महामंत्री बिंदेश्वर उरांव ने कही. जतरा में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम का उदघाटन बिंदेश्वर उरांव ने किया. कार्यक्रम का संचालन ददन चौधरी ने किया. मौके पर गरभु उरांव, मुकेश तिवारी, कुलदीप तिवारी, संतोष साहू, नवीन महतो, उनु उरांव, सोमरा उरांव, हरि उरांव, संजय उरांव, गोरी सिंह, दीपक सिंह, हरि मुरारी तिवारी, आकाश तिवारी, दुबराज तिवारी, पोखराज तिवारी, राजदीप तिवारी सहित समिति के सदस्य व ग्रामीण मौजूद थे.
रंगारंग नागपुरी सांस्कृतिक कार्यक्रम
चटी जतरा आयोजन समिति द्वारा मेले में आये लोगों के मनोरंजन के लिए रंगारंग नागपुरी सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. मेले में बच्चों में खासा उत्साह देखा गया. कलाकारों द्वारा मेला में आये लोगों का मनोरंजन गीत व नृत्य से किया गया. मेले में सर्कस, झूला, विज्ञान घर सहित अन्य मनोरंजन के साधन लगाये गये थे. जतरा में कतारी, मिठाई सहित अन्य सामानों की खूब बिक्री हुई.
