लोहरदगा: सहकारिता भवन में मुख्यमंत्री लघु व कुटीर उद्यम विकास बोर्ड की एक दिवसीय कार्यशाला लगायी गयी. इसमें जिले के सभी लैंपस के अध्यक्ष, सचिव व सहकारी समितियां शामिल हुईं. मौके पर जिले के सभी राजस्व गावों में ग्राम उद्यमी समन्वयक के चयन की जिम्मेदारी लैंपस अध्यक्षों को दी गयी.
मौके पर उपस्थित बोर्ड के प्रतिनिधि प्रवीण कुमार ने जिले में लघु कुटीर की बड़ी संभावना जताते हुए कहा कि जिले से प्राप्त कच्चा माल अब इस जिले में प्रसंस्करण कर तैयार वस्तुओं को बाहर के राज्यों में भेजा जायेगा.
कुटीर उद्योग का आधुनिकीकरण कर उत्पादन बढ़ाया जायेगा. देश ही नहीं विदेशों में भी यहां की उत्पादित वस्तुओं की निर्यात की जायेगी. मुख्यमंत्री लघु कुटीर व उद्यम विकास बोर्ड द्वारा इसके लिए भरपूर मदद की जायेगी. जो पूर्व से प्रशिक्षित है, उन्हें लघु उद्योग स्थापित करने में मदद की जायेगी. सरकार हर किसी को नौकरी नहीं दे सकती, परंतु हर हाथ को काम व उत्पादन को जोड़ कर एक तरफ तो बेरोजगारी दूर की जा सकती है, तो दूसरी ओर देश के सकल घरेलू उत्पाद में बढ़ोतरी की जा सकती है. जिले में मिलने वाले वन उत्पाद चिरौंजी, इमली, करंज, जटंगी की प्रोसेसिंग इस जिले में की जायेगी और तैयार माल अन्य राज्यों में भेज कर यहां की महिलाओं व युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जायेगा.
जिला उद्यमी समन्वयक राजेश कुमार ने बताया कि जिले के सभी राजस्व ग्राम में सर्वे कर बिजनेस प्वाइंट को चिह्नित किये जा रहे है. आनेवाले दिनों में युवा उद्यमी मंडल व महिला उद्यमी मंडल का गठन कर उनसे लघु व कुटीर उत्पादों का उत्पादन करा कर उन वस्तुओं को बाजार में उपलब्ध कराया जायेगा. स्किल्ड लोगों को तकनिकी प्रशिक्षण और नये लोगों को प्रारंभिक प्रशिक्षण देकर उत्पादन, मार्केटिंग, प्रबंधन व मॉनिटरिंग के गुणों से परिपूर्ण किया जायेगा. उन्होंने महिला मंडल व लैंपस पैक्स के सदस्यों से इस संबंध में सहयोग व मार्गदर्शन मांगा.
कुटीर बोर्ड के सहयोग से यदि उत्पादन को बाजार दे, तो यहां के लोगों की गरीबी दूर होगी. मौके पर प्रखंड उद्यमी समन्वयक रवि शंकर राम, झरना कुमारी, सुनीति खाखा, आसिफ अहमद , शेखर कुमार, एकराजवीन खानम, सूरज उरांव मौजूद थे.
