200 मीटर रैयती जमीन के कारण फंसी एक करोड़ लागत की सड़क

लोहरदगा: आरइओ विभाग द्वारा भंडरा प्रखंड में पझरी से मकुंदा तक 1 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण कार्य कराया जा रहा है. विभागीय लापरवाही के कारण इस सड़क का लाभ लोगों को अब तक नहीं मिल पाया. पझरी से मकुंदा सड़क में पंचायत भवन के पास 200 मीटर रैयती प्लॉट है. जिस व्यक्ति […]

लोहरदगा: आरइओ विभाग द्वारा भंडरा प्रखंड में पझरी से मकुंदा तक 1 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण कार्य कराया जा रहा है. विभागीय लापरवाही के कारण इस सड़क का लाभ लोगों को अब तक नहीं मिल पाया. पझरी से मकुंदा सड़क में पंचायत भवन के पास 200 मीटर रैयती प्लॉट है. जिस व्यक्ति की जमीन है वह व्यक्ति सड़क निर्माण के लिए जमीन नहीं देना चाहता है. रैयती भूमि नहीं मिलने के कारण 200 मीटर सड़क नहीं बन पायेगी. इससे सड़क की उपयोगिता ही नहीं रह जायेगी.

आरइओ विभाग द्वारा सड़क निर्माण के पूर्व जब प्राक्कलन बनाया गया उस वक्त यदि आरइओ के अधिकारी कार्यस्थल पर जाकर प्राक्कलन बनाते तो उन्हें जमीनी हकीकत की जानकारी होती. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के नाम पर संवेदक एवं इंजीनियर द्वारा राशि की बंदरबांट की गयी. सड़क निर्माण के नाम पर संवेदक द्वारा मिट्टी का काम पूरा किया गया है.

मोरम बिछाने का काम आधा अधूरा पड़ा है. सूत्र बताते हैं कि सड़क निर्माण की अवधि 3 अगस्त को ही समाप्त हो गयी है. इस कार्य की देखरेख सहायक अभियंता बीके दास, कनीय अभियंता गोविंद कुमार द्वारा की जा रही है. इस संबंध में विभाग के कनीय अभियंता गोविंद कुमार का कहना है कि रैयती जमीन बीच में पड़ रही है और रैयत से बात करने की जिम्मेवारी संवेदक को दी गयी है. मामला कहां तक पहुंचा, मुझे इसकी जानकारी नहीं है. जहां तक कार्य समाप्त करने की अंतिम तिथि की बात है तो मुझे याद नहीं है. रिकार्ड देखकर ही बता पायेंगे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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