लोहरदगा. जिला पुलिस अब हाइटेक हो रही है. अब अपराधियों की पहचान चेहरा देखते ही पुलिसकर्मी कर लेंगे. तमाम अपराधियों का आपराधिक इतिहास तैयार किया जा रहा है और जिला पुलिस कप्तान कार्तिक एस एक ऐप तैयार कर रहे हैं जिसमें पुलिस कर्मी अपने मोबाइल फोन में वाट्सअप पर फेस देखकर अपराधी की पूरी हिस्ट्री एक बार में जान सकेंगे.
अपराधियों का फिंगर प्रिंट भी रखा जा रहा है जो किसी भी क्राईम के बाद सीसीटीवी में फिंगर प्रिंट के माध्यम से ही पूरी जानकारी दे देगी कि इस कांड को किस अपराधी ने अंजाम दिया है और उसका अापराधिक इतिहास क्या रहा है. क्रीमिनल का डिटेल एक बटन दबाते ही मिल जायेगा.
साइबर क्राइम को रोकने के लिए भी एसपी कार्तिक एस ने नयी तकनीक इजाद की है. उनके द्वारा तैयार किये गये ऐप में वाहनों का पूरा डिटेल, ड्राइविंग लाइसेंस की पूरी जानकारी सहित अन्य जानकारी मिल सकेंगी. एसपी कार्तिक एस ने बताया कि अभी हाल में ही अनुसंधान पदाधिकारी का कॉन्फ्रेंस आयोजित किया जा रहा है जिसमें उन्हें तमाम तरह की तकनीकि जानकारी दी जायेगी. डायरी लिखने से लेकर फिंगर प्रिंट के माध्यम से अपराधियों की पहचान करने की तकनीक सहित नये कानूनों का पाठ भी उन्हें कॉन्फ्रेंस में पढ़ाया जायेगा. इस कॉन्फ्रेंस में एडीजी सीआईडी, आईजी सीआईडी, डायरेक्टर एएफएसएल, डीआईजी सहित अन्य अधिकारियों को आमंत्रित किया जायेगा. एसपी ने बताया कि पुलिस अधिकारियों को अपडेट किया जायेगा, ताकि वे नयी तकनीकों का इस्तेमाल बेहतर तरीके से कर सकें. उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 में जहां पुलिस के द्वारा 75 मामलों में कन्भिकशन कराया वहीं वर्ष 2016 में 104 एवं वर्ष 2017 में जुलाई माह तक 103 केस में कन्भिकशन हुआ है जो कि पुलिस की एक उपलब्धि है.
