विद्या भारती का लक्ष्य सर्वांगीण विकास करना : रमेश मनी पाठक

लोहरदगा: शीला अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर सभागार में विद्या भारती के लोहरदगा संकुल स्तरीय शिक्षकों की कार्यशाला हुई. कार्यशाला का उदघाटन विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष शशिधर लाल अग्रवाल, कृष्णा प्रसाद, डॉ रमेश मणि पाठक, उर्सुलाइन महिला बीएड कॉलेज की शिक्षिका डॉ पूनम मिश्रा, शबनम तिर्की एवं सिस्टर निर्मला, भास्कर मिश्रा,कमल बारला, प्रधानाचार्य कुमार विमलेश […]

लोहरदगा: शीला अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर सभागार में विद्या भारती के लोहरदगा संकुल स्तरीय शिक्षकों की कार्यशाला हुई. कार्यशाला का उदघाटन विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष शशिधर लाल अग्रवाल, कृष्णा प्रसाद, डॉ रमेश मणि पाठक, उर्सुलाइन महिला बीएड कॉलेज की शिक्षिका डॉ पूनम मिश्रा, शबनम तिर्की एवं सिस्टर निर्मला, भास्कर मिश्रा,कमल बारला, प्रधानाचार्य कुमार विमलेश एवं प्रधानाचार्य सुरेश चंद्र पांडे द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया. कार्यक्रम का संचालन आचार्य विष्णु दत्त पांडे और अतिथियों का परिचय प्रधानाचार्य कुमार विमलेश ने कराया.

मौके पर डॉ रमेश मणि पाठक ने कहा कि पाठ को रोचक बनाने के लिए विषय आधारित प्रशिक्षण की भूमिका अहम होती है. विद्या भारती का लक्ष्य छात्र छात्राओं का सर्वांगीण विकास करना है. इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए ऐसे प्रशिक्षण महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने समापन समारोह में कहा कि विद्या भारती बालकों का सर्वांगीण विकास अपने पांच आधारभूत विषयों शारीरिक शिक्षा, योग शिक्षा, संगीत शिक्षा, संस्कृत शिक्षा और नैतिक एवं आध्यात्मिक शिक्षा के माध्यम से करता है. इनमें से एक भी विषय छूटने पर सर्वांगीण विकास संभव नहीं. उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वह पाठ योजना के अनुरूप नित्य नए आयाम जोड़ते हुए विषय को रुचिकर बनाकर शिक्षण को आदर्श बनायें.

शशिधर लाल अग्रवाल ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धा के दौर में शिक्षण की नयी पद्धतियां शिक्षक एवं शिक्षण दोनों को मजबूत करती है. शबनम तिर्की ने कहा कि आज के बच्चे विभिन्न माध्यमों से विषय में क्या फेक्टर से परिचित होते हैं. हमें क्यों और कैसे फैक्टर्स पर रोचक ढंग से शिक्षण करना है. डॉ पूनम मिश्रा ने कहा कि उद्दीपन परिवर्तन कौशल बढ़ाकर हम इसके विभिन्न घटकों को ध्यान में रखकर एक मनोवैज्ञानिक की तरह बच्चों का विकास कर सकते हैं.

सिस्टर निर्मला ने लैंग्वेज लेबोरेटरी के बारे में इसके तीन प्रकारों की विस्तृत जानकारी दी. कृष्णा प्रसाद ने हिंदी शिक्षण पर शिक्षकों को कहा कि आज के बच्चों को उन्हीं के स्तर पर उनकी मन की चंचलता को समझते हुए तकनीकी सहायता से बेहतर शिक्षण जरूरी है.

कार्यशाला में विद्यामंदिर के अलावा मनोहर लाल अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर महाविद्यालय, सुंदरी देवी सरस्वती शिशु मंदिर, पत्रा टोली शिशु मंदिर के अलावा कुडू, सलगी, कैरो, सेन्हा सहित लोहरदगा संकुल अंतर्गत आने वाले सभी शिशु विद्या मंदिर से 200 से अधिक संख्या में शिक्षक शिक्षिकाओं ने भाग लिया. मौके पर मनोहर मोदी, पंकज मिश्रा, प्रमोद कुमार, रामजी प्रसाद, अमरकांत शुक्ला, मधुमिता शर्मा, श्यामसुंदर कुमार, सरिता जायसवाल, रीता तिवारी, त्रिलोचन साहू, छवि कुमारी आदि भी मौजूद थी.

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