बरवाडीह (लातेहार). बरवाडीह प्रखंड मुख्यालय स्थित प्राचीन पहाड़ी मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान प्रसिद्ध कथावाचक पंडित अनुराग कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा का भावपूर्ण वर्णन किया. इस दौरान कृष्ण जन्म से पूर्व और जन्म के बाद की घटनाओं पर आधारित आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की गयीं, जिन्हें देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे.
वामन अवतार से लेकर कृष्ण अवतार तक
भागवत कथा के चौथे दिन वामन अवतार से लेकर कृष्ण अवतार तक की मनमोहक झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया. पंडित अनुराग कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म केवल उत्सव नहीं, बल्कि धर्म, सत्य और मानवता की स्थापना का संदेश है. जब-जब संसार में अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान किसी न किसी रूप में धर्म की रक्षा के लिए अवतार लेते हैं.
सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें कर्म करते हुए सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है. उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है. रात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय कथावाचक पंडित अनुराग कृष्ण शास्त्री ने बधाई गीत प्रस्तुत किये, जिस पर श्रद्धालु जमकर झूमे. वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान का जन्मोत्सव मनाया गया. इसके बाद भव्य आरती की गयी और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया.
बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद
कार्यक्रम में जिला परिषद सदस्य संतोषी कुमारी, कांग्रेस नेता अधिवक्ता विजय बहादुर, विधायक प्रतिनिधि प्रेम सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष प्रिंस प्रसाद, स्टेशन प्रबंधक अनिल कुमार द्विवेदी, रेलवे क्लब महिला समिति अध्यक्ष रेखा पाठक, आयोजन समिति के निरंजन सिंह, छोटे सिंह, अर्जुन विश्वकर्मा, मृत्युंजय मिश्रा, लव कुमार पासवान, धीरेंद्र कुमार, रणजीत सिंह राणा, बुधराम, राजा कुमार, विवेक कुमार, अरविंद कांत पांडे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे.
