लातेहार. करमा के पूर्व संध्या पर शहर के पड़हा भवन में कार्यक्रम का आयोजन धूमधाम किया गया. जिसमें कई गांव के खोड़हा शामिल हुए हैं. कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पढ़हा राजा बणेश्वर उरांव ने किया.
संस्कृति जल-जंगल-जमीन और प्रकृति का सम्मान सिखाती है
मौके पर जिला परिषद सदस्य विनोद उरांव ने कहा कि हमारी संस्कृति केवल नाच गान और त्यौहारों तक सीमित नहीं है बल्कि हमारी संस्कृति हमें जल जंगल जमीन और प्रकृति का सम्मान करना सिखाती है.
मौके पर उपस्थित जिला पड़हा संरक्षक बिरसा मुंडा ने कहा कि इस पावन अवसर पर हम सभी मिलकर संकल्प लेकर अपनी संस्कृति को बचाएंगे.
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करम की डाली देती है एकता और प्रकृति रक्षा का संदेश
सरना समिति के जिला अध्यक्ष पहलू उरांव ने कहा कि कर्म देवता के पूजा करते हैं और परिवार समाज की सुख शांति समृद्धि और अच्छी फसल की कामना करते हैं. करमा की डाली हमें मेहनत एकता प्रेम और प्रकृति की रक्षा का संदेश देती है.
प्रखंड पड़हा राजा शुकु उरांव ने कहा कि सभी समाज के बुजुर्गों माता बहनों युवाओं और हमारे प्यारे सभी लोग को कर्मा त्यौहार के बारे में जानने की जरूरत है. जिला पड़हा दीवान रामलाल उरांव ने कहा कि प्रकृति बचेगी तभी हमारा जीवन और हमारी संस्कृति बचेगी.
कई लोग रहे मौजूद
मौके पर मोती उरांव, रमेश उरांव, करमलाल उरांव समेत कई लोग उपस्थित थे.
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