महुआडांड़,लातेहार: प्रखंड मुख्यालय में संचालित संत जेवियर कॉलेज (स्वायत्त) में ‘उच्च शिक्षा के नए प्रतिमान की पुनर्कल्पना’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गयी. मुख्य वक्ता सिस्टर पॉलिन ऑगस्टीन, सुपीरियर जनरल, सेंट ऐनीज ऑफ लूजर्न ने कहा कि बदलते समय के अनुरूप उच्च शिक्षा में बदलाव जरूरी है.
उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री और रोजगार तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों में ज्ञान, कौशल, नैतिकता, रचनात्मकता और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करने वाली होनी चाहिए. उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और तकनीक के सकारात्मक उपयोग के साथ मानवीय मूल्यों को बनाए रखने पर जोर दिया. साथ ही ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता बतायी.
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कॉलेज के प्राचार्य डॉ फादर एमके जोस ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 उच्च शिक्षा को बहुविषयक, कौशल आधारित और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने का अवसर प्रदान करती है.
संगोष्ठी में फादर समीर, फादर लियो, फादर राजीप, सिस्टर चन्द्रोदया, प्रो. मनीषा, प्रो. बंसती, प्रो. अंकिता, प्रो. आदिति, प्रो. रेचेल, प्रो. सुष्मिता, प्रो. सुकुट, प्रो. रोनित, प्रो. शशि, प्रो. मन्नू, प्रो. जामेश एवं प्रो. मोनिका सहित शिक्षकेत्तर कर्मचारी अनोरा दीदी, सुनीता दीदी, क्रिस्टीना दीदी, प्रेमा, सरोज, नीलम, अशोक, सुचित, जयप्रकाश एवं संतोष उपस्थित थे.
