सीआरपीएफ का इतिहास गौरवशाली रहा है : कमांडेंट

सीआरपीएफ 11वीं और 214वीं बटालियन का दिवस धूमधाम से मना

लातेहार. शहर में स्थित सीआरपीएफ 11वीं और 214वीं बटालियन ने शनिवार को अपना 86वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया. जिला मुख्यालय के स्टेशन रोड स्थित 214वीं बटालियन के कैंप में कमांडेंट केडी जोशी को क्वार्टर गार्ड द्वारा सलामी दी गयी. वहीं एनएच-75 पर किनामाड़ स्थित 11वीं बटालियन कैंप में कमांडेंट यादराम बुनकर को जवानों ने सलामी दी. सीआरपीएफ की दोनों बटालियन के स्थापना दिवस पर कई कार्यक्रम हुए. सीआरपीएफ 214वीं बटालियन द्वारा कमांडेंट के नेतृत्व में पौधारोपण, रक्तदान शिविर, वॉलीबॉल और क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. वहीं 11वीं बटालियन ने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की. मौके पर सीआरपीएफ कमांडेंट ने कहा कि वर्तमान समय में 247 बटालियनों के साथ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल को भारत का ही नहीं, बल्कि विश्व का सबसे बड़े अर्ध सैनिक बल होने का गौरव हासिल कर चुका है. सीआरपीएफ का इतिहास गौरवशाली रहा है. जब-जब देश को जरूरत पड़ी है, सीआरपीएफ ने देश की सुरक्षा व्यवस्था और शांति स्थापित करने में हमेशा अपना योगदान निभाया है. इसी का नतीजा है कि देश के कोने-कोने में अशांति और असुरक्षा के लिए सीआरपीएफ को याद किया जाता है. इस अवसर पर 11वीं बटालियन में सोमनाथ उप कमान, मुकेश कुमार, डॉ अमूल्या कुजूर, सूबेदार मेजर विश्वकर्मा, सुरेंद्र डागर, देवेंद्र वीर विक्रम प्रताप सिंह तथा 214वीं बटालियन में द्वितीय कमान अधिकारी रणधीर कुमार झा, उप कमांडेंट संदीप कुमार शर्मा सहित बड़ी संख्या में जवान मौजूद थे.

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