अधिकार कानून के क्रियान्वयन में अनियमितता

इज्जत से जीने का अधिकार अभियान लातेहार इकाई ने निकाली रैली किसानों व मजदूरों ने अपनी मांगों के लेकर आवाज बुलंद किया लातेहार. इज्जत से जीने का अधिकार अभियान के तहत लातेहार जिला इकाई द्वारा शहर में विशाल रैली प्रदर्शन का आयोजन किया गया. रैली में किसानों मजदूरों ने अपनी मांगों के लेकर आवाज बुलंद […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | October 7, 2017 11:14 AM
इज्जत से जीने का अधिकार अभियान लातेहार इकाई ने निकाली रैली
किसानों व मजदूरों ने अपनी मांगों के लेकर आवाज बुलंद किया
लातेहार. इज्जत से जीने का अधिकार अभियान के तहत लातेहार जिला इकाई द्वारा शहर में विशाल रैली प्रदर्शन का आयोजन किया गया.
रैली में किसानों मजदूरों ने अपनी मांगों के लेकर आवाज बुलंद किया. इसका नेतृत्व फादर जार्ज मोनी पल्ली उर्फ धोती फादर ने किया. रैली शहर के बाजारटांड़ से निकाल समाहरणालय पहुंच सभा में तब्दील हो गयी. सभा को संबोधित करते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वन अधिकार कानून के क्रियान्वयन में अनियमितता बरती जा रही है. संसद ने वन अधिकार कानून को बनाते हुए यह माना था कि वनों की बंदोबस्ती व प्रबंधन के समय वनाश्रित समुदाय के वनों पर हक-अधिकार की अनदेखी हुई है.
ग्रामीणों ने मांग की है कि आदिम जनजाति टाना भगत, सरयू एक्शन प्लान क्षेत्र के दावेदारों व अन्य परंपरागत वन निकासी दावेदार विशेषकर जो अनुसूचित जाति समुदाय (गंझू भोगता व भुइयां समाज से आते है और जो वन अधिकार के लिए पात्र है, उनके दावों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाये, भूमि अर्जन, पुनर्वासन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता के सरकार अविलंब वापस ले और जिले के खतियानी अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े रैयत के साथ गैर मजरुआ जमीन की रसीद कटना जल्द शुरू किया जाये.
श्री पल्ली ने कहा कि वन विभाग व राजस्व विभाग के परस्पर विरोधी टिप्पणी से वनाश्रितों के हित प्रभावित हो रहा है. वक्ताओं ने वनाधिकार कानून का जिले में हो रहे उल्लंघन की आलोचना की गयी. इसके बाद उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा गया. मौके पर सोमारू सिंह खेरवार, डिक्रूस कुजूर, गोविंद वर्मा, विनेश्वर सिंह, देवचरण सिंह, जगेश्वर उरांव, महजू मुंडा आदि ने संबोधित किया.