पेंशन के मामले में उदार बनें अधिकारी

लातेहार : समाहरणालय के सभागार में मंगलवार को आयोजित पेंशन अदालत को संबोधित करते हुए उपायुक्त प्रमोद कुमार गुप्ता ने पेंशन के मामले में संवेदनशील एवं उदार बनने की बात अधिकारियों से कही. उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा के बाद पेंशन जीने का एक सहारा होता है. जीवन के अंतिम पड़ाव में पेंशनधारी को किसी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 23, 2017 12:53 PM

लातेहार : समाहरणालय के सभागार में मंगलवार को आयोजित पेंशन अदालत को संबोधित करते हुए उपायुक्त प्रमोद कुमार गुप्ता ने पेंशन के मामले में संवेदनशील एवं उदार बनने की बात अधिकारियों से कही. उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा के बाद पेंशन जीने का एक सहारा होता है. जीवन के अंतिम पड़ाव में पेंशनधारी को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो इसका ख्याल रखा जाना चाहिए. इससे पहले उपायुक्त श्री गुप्ता एवं उप विकास आयुक्त अनिल कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर पेंशन अदालत का उदघाटन किया. उपायुक्त ने सरकारी कर्मियों को नसीहत दी कि पेंशन पाने वाले लोगों के कागजातों को लेकर नहीं दौड़ायें बल्कि उसका निष्पादन प्राथमिकता से करें.

मौके पर उप विकास आयुक्त अनिल कुमार सिंह ने कहा कि सरकारी नौकरी करने वाले अधिकारी हो या कर्मी सभी को सेवानिवृत्त होना है. आप इसी सोच के साथ कार्य करें कि आपको भी एक दिन इस पड़ाव पर आना है. उपायुक्त श्री गुप्ता ने पेंशन अदालत में उपस्थित डीडीओ को अलग से कर्मी प्रतिनियुक्त कर पेंशन मामले पर त्वरित कार्रवाई करने की बात कही. कार्यक्रम के दौरान रांची से आये महालेखाकारों की पेंशन अदालत में आये मामले की सुनवाई की. उन्होंने पेंशन निष्पादन संबंध में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी. मौके पर अपर समाहर्ता नेलशन एयोन बागे, डीआरडीए निदेशक संजय भगत, नगर पंचायत अध्यक्ष सुशील कुमार अग्रवाल, जय प्रकाश उप महालेखाकार समेत कई अधिकारी उपस्थित थे.

आठ मामलों का हुआ निष्पादन

पेंशन अदालत में कुल 17 मामले प्रस्तुत किये गये. इसमें रांची से आये लेखाकारों द्वारा नियम के तहत आठ मामलों का निष्पादन किया गया. शेष नौ मामले पर सारी प्रक्रियाएं पूरी कर जिला कोषागार पदाधिकारी को मामला निष्पादन करने का निर्देश दिया गया.