कोडरमा: राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत चिकित्सा पदाधिकारी एवं नोडल कर्मी (कुष्ठ) के प्रशिक्षण की शुरुआत जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी डॉ रमण कुमार द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गयी।
डॉ रमण ने प्रशिक्षण की शुरुआत करते हुए कहा कि सभी चिकित्सा पदाधिकारी एवं नोडल कर्मी इस प्रशिक्षण को पूरी गंभीरता के साथ करें, ताकि क्षेत्र में सहिया एवं एएनएम द्वारा लाये गये कुष्ठ के संदिग्ध मरीजों का आरंभिक लक्षणों के साथ उपचार शुरू हो सके। देर से उपचार होने पर कुष्ठ मरीजों में विकलांगता आ जाती है।
राज्य से आये प्रशिक्षक डॉ वाई. सोमशेखर रेड्डी ने प्रशिक्षण देते हुए उपस्थित कर्मियों को विकलांगता प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही कुष्ठ मरीज को बुलाकर सभी चिकित्सकों को लेप्रोसी जांच के बारे में बताया गया।
