कोडरमा. केंद्र सरकार द्वारा एमएमडीआर संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित कर दिया गया है. इसके विरोध में राजद ने राज्यव्यापी आंदोलन का आह्वान किया है, जिसके तहत कोडरमा में 24 सितंबर को जोरदार धरना-प्रदर्शन किया जाएगा.
कोडरमा समाहरणालय परिसर में सुबह 11 बजे से आयोजित होने वाले इस धरना में राजद के सभी पदाधिकारियों, प्रखंड अध्यक्षों, समर्थकों और सक्रिय कार्यकर्ताओं से भारी संख्या में शामिल होने की अपील की गई है.
खनिज संपदा पर झारखंड का पहला हक
इस आंदोलन का नेतृत्व करते हुए, राजद जिलाध्यक्ष महेंद्र यादव ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष के निर्देशानुसार झारखंड के हितों की रक्षा के लिए कार्यकर्ता सड़क पर उतर रहे हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार झारखंड और झारखंडियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है.
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झारखंड की खनिज संपदा पर पहला हक झारखंड का है, लेकिन भाजपा नीत केंद्र सरकार ने एमएमडीआर बिल पारित कर राज्य को अलग-थलग करने और उसके अधिकारों को छीनने की कोशिश की है. विधेयक के पारित होने से खनिज संपदा पर केंद्र सरकार का सीधा नियंत्रण बढ़ जाएगा, जिससे राज्य के राजस्व पर भी असर पड़ेगा.
बकाया राजस्व को अमान्य करने की साजिश
महेंद्र यादव ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड सरकार सालों से केंद्र से अपने बकाया राजस्व की मांग करती आ रही थी, लेकिन इस नए बिल के पारित होने से राज्य का बकाया राजस्व ही अमान्य हो गया है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि केंद्र सरकार की इस एकाधिकारवादी नीति के खिलाफ राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सड़क से लेकर सदन तक लोकतांत्रिक तरीके से अपनी लड़ाई मजबूती से लड़ेगा.
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