झुमरीतिलैया से विकास कुमार की रिपोर्ट
Koderma Fire Audit, कोडरमा: दिल्ली के एक होटल में हाल ही में हुई भीषण और दर्दनाक आगजनी की घटना से सबक लेते हुए कोडरमा जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है. उपायुक्त (DC) के सख्त निर्देश पर सोमवार को कोडरमा स्थित झुमरीतिलैया नगर परिषद क्षेत्र के कई बड़े होटलों, अस्पतालों और व्यावसायिक भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था (Fire Safety) की विशेष जांच की गई. इस औचक निरीक्षण और फायर ऑडिट के बाद से ही पूरे शहर के संचालकों में हड़कंप मच गया है. जांच के दौरान शहर के कई नामी संस्थानों में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर घोर और गंभीर लापरवाही उजागर हुई है, जिससे आम जनता की जान हर वक्त खतरे में बनी रहती है.
इन अस्पतालों और होटलों में हुई जांच
सोमवार को जिला अग्निशमन विभाग और नगर परिषद की संयुक्त टीम ने शहर के भीड़-भाड़ वाले और संवेदनशील इलाकों का दौरा किया. इस दौरान मुख्य रूप से जयप्रकाश अस्पताल, विजन अस्पताल, होटल श्री ओम और होटल हॉलीडेज इन में सुरक्षा उपकरणों की सघन जांच की गई. ऑडिट के दौरान जो कमियां सामने आईं, उन्होंने इन संस्थानों के दावों की पोल खोलकर रख दी. अधिकांश प्रमुख संस्थानों में या तो पर्याप्त संख्या में अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguishers) मौजूद नहीं थे, या फिर जो लगे थे उनकी वैधता अवधि (Validity) काफी समय पहले ही समाप्त हो चुकी थी. आपातकाल में ये सिलेंडर किसी काम के नहीं थे. कई बहुमंजिला भवनों में आपदा के समय सुरक्षित बाहर निकलने के लिए न तो कोई वैकल्पिक निकास द्वार था और न ही प्रवेश-निकास के सांकेतिक बोर्ड लगाए गए थे. भवनों में लगे स्मोक डिटेक्टर, फायर अलार्म और चेतावनी घंटियां बंद पड़ी थीं. इसके अलावा सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि कई संस्थानों के पास अग्निशमन विभाग का अनिवार्य अनापत्ति प्रमाण पत्र (Fire NOC) ही नहीं था, या फिर उसकी अवधि खत्म हो चुकी थी.
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निरीक्षण दल में शामिल थे ये आला अधिकारी
इस विशेष जांच और कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में जिला अग्निशमन पदाधिकारी अनिल तिवारी, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अंकित गुप्ता, सिटी मैनेजर लेमांशु कुमार, रंधीर वर्मा, विद्युत विभाग के सहायक अभियंता गजेंद्र टोप्पो, नगर परिषद कर्मी बलराम कुशवाहा एवं दुलारचंद यादव मुख्य रूप से शामिल थे. अधिकारियों ने मौके पर ही लापरवाही बरतने वाले सभी संस्थान संचालकों की क्लास लगाई और उन्हें निर्धारित मानकों का तुरंत अनुपालन करने का अल्टीमेटम दिया. अधिकारियों ने दो टूक कहा कि एक्सपायर्ड सिलेंडरों को तत्काल बदला जाए और आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ की जाए. सार्वजनिक और व्यावसायिक भवनों में लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ करने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती. यदि समय रहते कमियों को दूर नहीं किया गया, तो इन संस्थानों को सील करने और कानूनी कार्रवाई करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
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