करोड़ों की लागत से झुमरीतिलैया शहरी जलापूर्ति योजना तो शुरू कर दी गयी है, पर पानी के पुराने कनेक्शनधारियों की मुश्किलें कम नहीं हुई. गरमी आने के साथ ही पानी की आपूर्ति में लगातार कटौती हो रही है तो अब गंदे पानी की आपूर्ति से बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है.
कोडरमा : झुमरीतिलैया शहर में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग व नगर पर्षद इस गरमी में आपस में मिल कर प्यासों को नाले का पानी पिला रहे हैं. जी हां, यह बात सुनने में अजीब जरूर लगता है, लेकिन यही सच है. नगर पर्षद क्षेत्र में करीब दो हजार पुराने कनेक्शनधारियों को इन दिनों नाले का पानी सप्लाई किया जा रहा है. इससे जहां एक ओर पुराने कनेक्शनधारियों में रोष व्याप्त है, वहीं गरमी के दिनों में उनके समक्ष पेयजल की समस्या खड़ी हो गयी है.
लोगों की मानें तो एक तरफ पानी की सप्लाई दो-तीन दिनों में एक बार की जाती है और इतने दिनों के बाद भी मिलने वाला पानी साफ न होकर बदबूदार व गंदा होता है, जिसे लोग पीना तो दूर कपड़े भी साफ करना पसंद नहीं करते हैं. लोगों के अनुसार यह समस्या नयी नहीं है, पहले भी इस संबंध में शिकायत नगर पर्षद को की जा चुकी है, लेकिन सिवाय आश्वासन के कुछ नहीं मिलता. विभाग लोगों को नये पाइप लाइन से कनेक्शन लेने को भी कहता है, लोग इसके लिए राजी भी हैं, पर समस्या उन पुराने कनेक्शनधारियों के साथ है जिनके इलाके में नयी पाइप लाइन बिछी ही नहीं है. अब जब समस्या लगातार सामने आ रही है तो नगर पर्षद व पीएचइडी एक-दूसरे का काम बता कर पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं.
जानकारी के अनुसार शहर में पानी के पुराने कनेक्शनधारियों के घरों के साथ ही सार्वजनिक नलों में भी गंदा पानी आ रहा है. तिलैया थाना के बगल में लगे सार्वजनिक नल पर सुबह में काफी संख्या में लोग पानी भरते हैं, लेकिन नाले का पानी आने की वजह से वहां भी काफी कम लोग पानी भर रहे हैं. बुधवार को यहां पानी भरने आये शहर के निवासी जवाहर साव ने कहा कि नल से नाले का पानी आ रहा है. हम लोग ऐसे में क्या करें. उन्होंने कहा कि गरीबों के लिए नल तो लगा हुआ है, लेकिन नाले का पानी मिल रहा है.
वहीं व्यवसायी रविभूषण साहा ने कहा कि यह कोई नयी समस्या नहीं है, बल्कि यह समस्या काफी दिनों से है और कई बार विभाग से शिकायत भी की गयी, लेकिन नतीजा कुछ भी नहीं निकला. वार्ड नंबर 16 के निवासी अमित कुमार ने बताया कि नयी पाइप बिछाने को लेकर कई बार विभाग से कहा गया है, लेकिन पाइप तो बिछा नहीं उल्टे नाले का बदबूदार पानी हमारे घरों में आ रहा है.
वार्ड 16 के ही होटल व्यवसायी प्रशांत कुमार साहा ने कहा कि हम व्यवसाइयों को काफी परेशानी हो रही है, एक तरफ तो हम लोग बढ़ा हुआ टैक्स दे रहे हैं, लेकिन बदले में समस्या घटने के बजाय बढ़ गयी है. पानी भी हम लोगों को खरीदकर पीना पड़ रहा है. प्रभु गुप्ता ने कहा कि विभाग को इस समस्या को गंभीरता से लेना चाहिए और जब तक नयी पाइप नहीं बिछती है तब तक पुराने पाइप की मरम्मत अच्छे से होनी चाहिए, ताकि लोगों को साफ पानी मिल सके.
पीएचइडी के इइ ने जतायी अनभिज्ञता
इस संबंध में पूछे जाने पर पीएचइडी के कार्यपालक अभियंता विनोद कुमार ने नाले का पानी घरों तक पहुंचने की समस्या पर अनभिज्ञता जतायी. उन्होंने कहा कि पहली बार यह मामला मेरे संज्ञान में आया है. बहुत जल्द पलंबर से पाइप लाइन को चेक करवाता हूं अगर पीएचइडी के पाइप लाइन में लीकेज होगा तो उसकी मरम्मत करायी जायेगी. उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी के हाउसहोल्ड में लिकेज होगा तो इसे देखना नगर पर्षद का काम है.
पीएचइडी बताये कहां है लीकेज, हम ठीक करा देंगे
नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी पंकज कुमार झा ने कहा कि नल में गंदा पानी आने की समस्या की शिकायत उन्हें मिली है. उन्होंने कहा कि पीएचइडी विभाग पाइप का लिकेज कहां है उसे ढूंढ कर ठीक करे अगर किसी के घर में पाइप लीकेज है तो उसे चिह्नित कर बता दे उसे नगर पर्षद ठीक करा लेगा.
उन्होंने कहा कि शहर में करीब दो हजार पुराने कनेक्शनधारी हैं जहां नयी पाइप लाइन नहीं बिछी है. पाइप विस्तारीकरण के लिए सर्वे करा कर विभाग को भेजा गया है. मंत्री से लेकर पीएचइडी सबको इसकी सूचना दी गयी है, लेकिन फिलहाल मामला लटका हुआ है. उन्होंने कहा कि इस्टीमेट भी मिल जाता तो आगे की कार्रवाई कर पूरे शहर में नयी पाइप लाइन बिछवा दी जाती.
