कोडरमा से विकाश कुमार की रिपोर्ट
Indian Railways News: धनबाद से पंडित दीन दयाल उपाध्याय (पीडीडीयू) मुगलसराय तक ट्रेनों की रफ्तार अब और तेज होने वाली है. पूर्व मध्य रेल ने इस रूट पर 180 किमी प्रति घंटे की गति से ट्रेन चलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. बुधवार को महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह के नेतृत्व में स्पीड ट्रायल किया गया, जिससे इस परियोजना को नई गति मिली है.
जीएम और अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ ट्रायल
स्पीड ट्रायल के दौरान महाप्रबंधक के साथ डीडीयू से गया तक डीडीयू के डीआरएम और गया से धनबाद तक धनबाद के डीआरएम अखिलेश मिश्र भी मौजूद रहे. इस दौरान विंडो ट्रेलिंग स्पीड ट्रायल के जरिए ट्रैक की स्थिति, सुधार कार्य और अन्य तकनीकी पहलुओं का निरीक्षण किया गया.
ग्रैंड कार्ड सेक्शन पर खास फोकस
यह स्पीड ट्रायल डीडीयू से प्रधानखंता तक प्रस्तावित है, जिसे धनबाद-डीडीयू रेल सेक्शन का अहम हिस्सा माना जाता है. यह रूट हावड़ा से नई दिल्ली को जोड़ने वाले ग्रैंड कार्ड सेक्शन का हिस्सा है, जो बंगाल, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश को जोड़ता है. रेलवे द्वारा इस सेक्शन को 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन संचालन के लिए चुना गया है. इससे यात्रियों को तेज और सुगम यात्रा का अनुभव मिलेगा.
पहले भी हो चुका है स्पीड ट्रायल
इससे पहले पिछले साल 4 अप्रैल को भी इसी रूट पर स्पीड ट्रायल किया गया था. उस समय ट्रेन 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाई गई थी. यह परीक्षण भी सफल रहा था, जिसके बाद अब रफ्तार को और बढ़ाकर 180 किमी प्रति घंटे तक ले जाने की तैयारी की जा रही है.
कम समय में पूरी होगी लंबी दूरी
160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हुए पिछले ट्रायल में ट्रेन ने धनबाद से डीडीयू के बीच लगभग 400 किमी की दूरी को सिर्फ 3 घंटे 55 मिनट में पूरा किया था. वहीं धनबाद से गया के बीच 200 किमी का सफर महज 1 घंटे 57 मिनट में तय किया गया था. अब यदि 180 किमी प्रति घंटे की गति से ट्रेनें चलती हैं, तो यात्रा का समय और भी कम हो जाएगा, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी.
पूर्वी भारत के लिए बड़ी सौगात
यह परियोजना पूर्वी भारत के लिए एक बड़ी सौगात साबित हो सकती है. सेमी हाई स्पीड ट्रेन सेवा शुरू होने से न केवल यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी.
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आधुनिक रेलवे की ओर बढ़ता कदम
पूर्व मध्य रेल की यह पहल भारतीय रेलवे को आधुनिक और तेज बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. ट्रैक अपग्रेड, तकनीकी सुधार और लगातार ट्रायल के जरिए रेलवे अब हाई-स्पीड नेटवर्क की ओर तेजी से बढ़ रहा है. आने वाले समय में इस रूट पर तेज रफ्तार ट्रेनों का संचालन शुरू होने से यात्रियों को बेहतर सुविधा और अनुभव मिलेगा.
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