झुमरीतिलैया : मैट्रिक व इंटर परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन के लिए जिले में कॉपी जांच का एक केंद्र सीएच प्लस टू उवि को बनाया गया है. बुधवार को डीइओ पीपी झा ने जिले भर के कॉपी जांच करने वाले शिक्षकों व प्रधान प्रशिक्षक को झारखंड अधिविध परिषद के नियमों के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी. मौके पर उन्होंने कहा कि इस वर्ष कॉपी जांच करने में तीन नियमों का सख्ती से पालन करने के लिए निर्देश प्राप्त हुए हैं.
इसमें बायोमेट्रिक के जरिये आगमन व प्रस्थान की हाजिरी बनाना, चार क्लास रूम में सीसीटीवी लगाने व सभी मूल्यांकन कॉपी पर हस्ताक्षर करने के साथ-साथ शिक्षक अपना नाम, विद्यालय का नाम और अपने विद्यालय में विषय का मोहर को भी कॉपी में लगाना है. डीइओ ने बताया कि जिले भर के 86 शिक्षकों को मूल्यांकन कार्य में लगाया गया हैं. प्रतिदिन प्रति शिक्षकों को 30-30 कॉपियां जांच करनी है. प्रधान प्रशिक्षक को 20 कॉपी की जांच करनी हैं. बुधवार को वर्ग 10वीं और 12वीं की लगभग 62000 कॉपियां कोडरमा पहुंची हैं.
डीइओ ने सभी शिक्षकों को कहा की कॉपी चेक करने के दौरान मोबाइल फोन क्लास रूम में ले जाने पर रोक रहेगी और एक रूम से दूसरे रूम जाने में भी प्रतिबंध रहेगा. मौके पर मूल्यांकन निदेशक केपी तिवारी, प्रधान प्रशिक्षक गणित अशोक कुमार पांडेय एवं कल्याणी सरकार, विज्ञान के वीरेंद्र तिवारी, नूतन सिंह, सामाजिक विज्ञान के राम प्रसाद महतो रमण व वीरेंद्र प्रसाद, समन्वयक राजेश सक्सेना, विनोद प्रसाद, अनिल कुमार सिन्हा मौजूद थे.
