कोडरमा : पर्यावरण संरक्षण, हरित क्षेत्र के विस्तार और ग्रामीण समुदाय को पौधारोपण के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से ग्रिज़ली विद्यालय ने जिला मारवाड़ी सम्मेलन के सहयोग से फलदार पौधा वितरण अभियान चलाया. अभियान के तहत पांच पंचायतों के सात क्षेत्रों में ग्रामीणों के बीच आम, नींबू, अमरूद और चीकू के कुल 685 पौधे वितरित किये गये. विद्यालय के विद्यार्थियों ने स्वयं पौधों का वितरण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया.
बड़की धमराई पंचायत में मुखिया सरजू वर्मा के सहयोग से 110 आम के पौधे, छोटकी धमराई में 50 और मंझगांव में 50 आम के पौधे वितरित किये गये. बेला कोलुआ-कला पंचायत में मुखिया मंगल देव यादव के सहयोग से 125 पौधे बांटे गये. इनमें 50 आम, 25 नींबू, 25 चीकू और 25 अमरूद के पौधे शामिल थे.
उरवां पंचायत में मुखिया मनोज पासवान के सहयोग से 100 पौधों का वितरण हुआ. इनमें 50 आम, 20 नींबू, 20 अमरूद और 10 चीकू के पौधे शामिल थे. तितिरचांच-पथलगड्डा पंचायत में मुखिया प्रतिनिधि राजेंद्र पासवान के सहयोग से 75 पौधे वितरित किये गये. इनमें 50 आम, 10 अमरूद, 10 नींबू और पांच चीकू के पौधे थे. कांटी पंचायत में मुखिया प्रतिनिधि लखन यादव के सहयोग से ग्रामीणों के बीच 175 आम के पौधे बांटे गये.
पौधों की देखभाल पर जोर
अभियान में स्थानीय मुखिया और जनप्रतिनिधियों ने सक्रिय सहयोग किया. विद्यालय के आरडी पांडेय, नरेश कुमार यादव और सुदामा रजक ने विभिन्न वितरण स्थलों पर मौजूद रहकर विद्यार्थियों के माध्यम से पौधों के वितरण और अभियान के संचालन में सहयोग किया.
ग्रिज़ली चैरिटेबल ट्रस्ट के निदेशक अविनाश सेठ ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि लगाए गये पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण भी जरूरी है. कोडरमा जिला मारवाड़ी सम्मेलन के सचिव संदीप केडिया और प्रोजेक्ट डायरेक्टर गौरव खटोर ने अभियान की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में फलदार पौधों का वितरण पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीण परिवारों की पोषण सुरक्षा और भविष्य की उपयोगिता की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है.
विद्यालय परिवार ने अभियान में सहयोग के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और कोडरमा जिला मारवाड़ी सम्मेलन के प्रति आभार जताया. विद्यालय ने कहा कि सामूहिक सहभागिता से ही पर्यावरण संरक्षण को जन-अभियान का रूप दिया जा सकता है.
