कर्रा (खूंटी): कर्रा प्रखंड के राजकीयकृत उत्क्रमित मध्य विद्यालय सरदुला का भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है. इसके बावजूद 149 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई इसी भवन में हो रही है. भवन की बदहाल स्थिति के कारण बच्चों और शिक्षकों को हर दिन हादसे के डर के बीच पठन-पाठन करना पड़ रहा है.
छत से गिर रहा प्लास्टर, बारिश में बढ़ जाता है खतरा
विद्यालय में पांच शिक्षक-शिक्षिकाएं प्रतिनियुक्त हैं. भवन के सभी पांच कमरे और रसोईघर जर्जर अवस्था में हैं. बारिश के दौरान छत और दीवारों से लगातार पानी का रिसाव होता है, जिससे कक्षाओं में शॉर्ट सर्किट और करंट उतरने का खतरा बना रहता है. कई जगहों से छत का प्लास्टर भी टूटकर गिर रहा है.
तड़ित चालक नहीं होने से आकाशीय बिजली का डर
क्षेत्र थंडरिंग जोन में होने के बावजूद विद्यालय में तड़ित चालक की व्यवस्था नहीं है. पूर्व में लगाया गया तड़ित चालक चोरी हो गया था, जिसके बाद दोबारा नहीं लगाया गया. इससे बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान बच्चों और शिक्षकों में हमेशा भय बना रहता है.
रखरखाव के अभाव में बदहाल हुआ विद्यालय भवन
विद्यालय के प्रधानाध्यापक नंदकेश्वर तिवारी ने बताया कि तेज बारिश होने पर सभी बच्चों और शिक्षकों को एक ही स्थान पर खड़े होकर बारिश से बचना पड़ता है. उन्होंने बताया कि पिछले दो-तीन वर्षों से विद्यालय के रखरखाव की राशि भी नहीं मिली है, जिसके कारण दरवाजे और खिड़कियां जंग खाकर खराब हो चुकी हैं.
बमरजा पंचायत के मुखिया अनूप कुजूर ने कहा कि विद्यालय की दीवारों और छत में जगह-जगह दरारें पड़ गई हैं. बरसात के दिनों में भवन की स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है. विद्यालय में कई मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. पंचायत में फंड उपलब्ध नहीं होने के कारण समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है.
नए भवन निर्माण की मांग करेगा विद्यालय प्रबंधन समिति
विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष तेम्बा उरांव ने कहा कि जर्जर भवन और मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर शिक्षा विभाग को लिखित आवेदन दिया जाएगा. साथ ही शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों से विद्यालय भवन का निरीक्षण कर नए भवन के निर्माण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की जाएगी.
