रिपब्लिक डे पर घूमने का प्लान है, तो झारखंड ये तीन फॉल्स देंगे पिकनिक भरपूर मजा

Jharkhand Picnic Spots: रिपब्लिक डे या छुट्टियों में घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो झारखंड के खूंटी जिले के रीमिक्स फॉल और रानी फॉल बेहतरीन पिकनिक स्पॉट हैं. कांची नदी, सुंदर वादियां, छोटे झरने और पहाड़ियों के बीच बसे ये जलप्रपात सैलानियों को खूब आकर्षित करते हैं. रांची और खूंटी से आसानी से पहुंचा जा सकता है. यहां प्रकृति के बीच सुकून के पल बिताने के साथ पिकनिक का भरपूर आनंद लिया जा सकता है.

खूंटी से चंदन कुमार की रिपोर्ट

Jharkhand Picnic Spots: अगर आप रिपब्लिक डे यानी 26 जनवरी या उससे पहले वीकेंड पर अपने दोस्तों या परिवार के साथ कहीं घूमने जाने का प्लान बना रहे हैं, तो झारखंड के खूंटी जिले के तीन फॉल्स आपके लिए बेहतरीन पिकनिक स्पॉट हो सकते हैं. खूंटी जिले के दिरीगड़ी क्षेत्र का रीमिक्स फॉल इन दिनों तेजी से पॉपुलर पिकनिक स्पॉट बनता जा रहा है. दिसंबर से लेकर जनवरी के अंत तक यहां रोजाना सैकड़ों की संख्या में लोग घूमने और परिवार के साथ पिकनिक मनाने पहुंचते हैं. नेचुरल वादियों के बीच बहती कांची नदी यहां एक सुंदर और शांत नदी तट का निर्माण करती है, जो सैलानियों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण है. हरियाली, पहाड़ों और कलकल करती धारा के बीच लोग सुकून के कुछ पल बिताते नजर आते हैं.

नदी का किनारा और वादियां हैं रीमिक्स फॉल का आकर्षण

रीमिक्स फॉल के पॉपुलर होने के पीछे नेचुरल ब्यूटी प्रमुख कारण है. कांची नदी यहां नेचुरल वादियों से होकर गुजरती है और आगे जाकर खूबसूरत वाटरफॉल का रूप ले लेती है. नदी का साफ पानी, चारों ओर फैली हरियाली और खुला वातावरण पिकनिक मनाने वालों को खूब भाता है. युवा वर्ग यहां फोटो और वीडियो बनाने में व्यस्त दिखता है. वहीं, परिवार के लोग पेड़ों की छांव में बैठकर नेचुरल ब्यूटी में पिकनिक मजा लेते हैं.

रास्ते में पड़ता है दशम फॉल व्यू प्वाइंट और लटरजंग डैम

अगर आप रीमिक्स फॉल जा रहे हैं, तो रास्ते में आपको दशम फॉल का व्यू प्वाइंट भी दिखाई देगा. यहां से ऊंचाई पर खड़े होकर दशम फॉल का सुंदर नजारा देखा जा सकता है. रास्ते में पड़ने वाला लटरजंग डैम भी कुछ समय रुकने और तस्वीरें लेने के लिए एक बेहतरीन जगह है. यही वजह है कि रीमिक्स फॉल जाकर पिकनिक मनाना अपने आप में एक पूरा टूरिस्ट पैकेज बन जाती है.

लापरवाही पड़ सकती है भारी

रीमिक्स फॉल जितना सुंदर है, उतना ही सेंसेटिव भी है. यहां आने वाले सैलानियों को सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना जरूरी है. नदी के कुछ हिस्सों में पानी काफी है और आसपास पहाड़ी क्षेत्र भी है. यहां पानी में डूबने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं. सैलानियों को गहरे पानी में जाने और फिसलन भरे इलाकों में घूमने से परहेज करना चाहिए. बच्चों पर नजर बनाए रखना बेहद जरूरी है.

कैसे पहुंचें रीमिक्स फॉल

रीमिक्स फॉल खूंटी जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर और रांची से करीब 40 किलोमीटर की दूर है. खूंटी से यहां मारंगहादा होकर या चुकरू मोड़-लटरजंग रोड से पहुंचा जा सकता है. रांची से आने वाले सैलानी मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा चौक से चुकरू मोड़ होते हुए रीमिक्स फॉल पहुंच सकते हैं. अच्छी बात यह है कि यहां करीब-करीब सभी प्रकार की गाड़ियों से पहुंचा जा सकता है.

नेचर की गोद में बसा है रानी फॉल

खूंटी-तमाड़ रोड पर बाड़ी और कोटना गांव की बॉर्डर पर रानी फॉल भी जिले का एक बेहद खूबसूरत और शांत पिकनिक स्पॉट है. नए साल और छुट्टियों के मौके पर यहां बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचते हैं. परिवार के साथ पिकनिक मनाने वालों के लिए यह जगह बेहद खूबसूरत मानी जाती है. पहाड़ियों के बीच गिरता यह वाटरफॉल नेचर लवर्स को खासा आकर्षित करता है.

छोटे झरने और तजना नदी बढ़ाते हैं खूबसूरती

रानी फॉल की खास पहचान यहां के छोटे-छोटे झरने, दूर तक बहती तजना नदी और चारों ओर फैली पहाड़ियां हैं. कलकल करती नदी पिकनिक के माहौल को और भी आनंददायक बना देती है. यहां बैठकर लोग घंटों नेचर को निहारते रहते हैं. भीड़-भाड़ से दूर यह जगह सुकून देती है.

शाम से पहले लौटना बेहतर

रानी फॉल पर्यटन स्थल है, लेकिन यहां भी सावधानी बेहद जरूरी है. कुछ स्थानों पर नदी का पानी गहरा है, इसलिए बच्चों को नदी के बीच जाने से रोकना चाहिए. यह एरिया काफी सुनसान है. ऐसे में, शाम ढलने से पहले लौट आना सुरक्षित माना जाता है. प्रशासन की ओर से यहां शेड, सीढ़ियां और चबूतरा बनाया गया है, लेकिन मेन झरने तक सुरक्षित फुटपाथ नहीं हैं.

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बेहतर टूरिस्ट प्लेस बन सकता है रानी फॉल

रानी फॉल खूंटी जिला मुख्यालय से केवल 10 किलोमीटर की दूरी पर है. अगर यहां पहुंचने वाली रोड, सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं का समुचित विकास किया जाए, तो यह प्लेस आने वाले समय में खूंटी जिले का प्रमुख टूरिज्म सेंटर बन सकता है.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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