राजभवन के समक्ष आदिवासी संगठनों का धरना-प्रदर्शन सात को

संयुक्त पड़हा समिति और संयुक्त आदिवासी समन्वय समिति खूंटी की वार्षिक बैठक रविवार को हुई.

खूंटी. संयुक्त पड़हा समिति और संयुक्त आदिवासी समन्वय समिति खूंटी की वार्षिक बैठक रविवार को हुई. बैठक में पड़हा व्यवस्था के प्रतिनिधि, आदिवासी समाज के प्रमुख अगुवा और अन्य समाजसेवी उपस्थित हुए. बैठक में पिछले आंदोलन, बैठक और प्रशासनिक कार्रवाइयों की समीक्षा की गयी. वहीं पड़हा राजा सोमा मुंडा हत्याकांड प्रकरण पर विस्तार से चर्चा की गयी. वक्ताओं ने कहा कि अब तक शहीद सोमा मुंडा के परिवार को पूर्ण न्याय नहीं मिल पाना सरकार और प्रशासन की संवेदनहीनता को दर्शाता है. इस अवसर पर सर्वसम्मति से सात फरवरी को राजभवन के समक्ष शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया. धरना के माध्यम से राज्य सरकार और प्रशासन का ध्यान शहीद सोमा मुंडा को न्याय दिलाने के साथ-साथ आदिवासी समाज पर हो रहे अत्याचार, अन्याय और अधिकारों के हनन की ओर आकृष्ट कराये जाने का निर्णय लिया गया. इस अवसर पर अधिक से अधिक लोगों को सात फरवरी को राजभवन पहुंचने का अपील किया गया. मौके पर जॉनसन होरो, नंदराम, महेंद्र मुंडा, संदीप हेरेंज, नमजन राजा, चंद्रप्रभात मुंडा, महादेव मुंडा, मार्षल बारला, डेविट हमसोय, चार्ल्स पटेल, विक्की, बिरतुस, मसीह गुड़िया, प्रह्लाद, रीझू सहित अन्य उपस्थित थे.

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By Chandan kumar

चंदन कुमार ने करियर की शुरुआत 1996 में प्रभात खबर से की. ऑल इंडिया रेडियो, सहारा समय टीवी, इंडिया टुडे एवं राष्ट्रीय सहारा में कार्य अनुभव. यात्रा वृतांत,साहित्य, सामाजिक बदलाव एवं कानूनी मामले की खबरों में रुचि. वर्तमान में मधेपुरा से खबरों का संकलन करते हैं.

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