रनिया में कुएं में गिरा हाथी का शावक, तीन घंटे के रेस्क्यू के बाद झुंड में लौटा

रनिया में कुएं में गिरे हाथी के शावक को वन विभाग और ग्रामीणों ने तीन घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित बाहर निकाला। शावक वापस अपने झुंड में शामिल हो गया।

रनिया. रनिया प्रखंड के पड़ा गीढ़ूंग गांव में शनिवार की रात करीब 11 बजे खेत के कुएं में हाथी का शावक गिर गया. हाथियों का झुंड जंगल की ओर जा रहा था. इसी दौरान झुंड में शामिल एक शावक कुएं में जा गिरा. शावक के कुएं में गिरने के बाद हाथियों का झुंड लगातार चिंघाड़ने लगा.

टॉर्च और मशाल की रोशनी में ग्रामीणों ने देखा

हाथियों की आवाज सुनकर ग्रामीणों को किसी अनहोनी की आशंका हुई. ग्रामीणों ने टॉर्च और मशाल की रोशनी में आसपास देखा, तो कुएं में हाथी का शावक गिरा हुआ मिला. इसके बाद ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग को सूचना दी.

सूचना मिलते ही वनपाल अविनाश लुगुन के नेतृत्व में गिरगा क्षेत्र के वनरक्षकों, होमगार्ड जवानों और खूंटी से पहुंचे वन विभाग के कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची.

दो जेसीबी की मदद से शुरू हुआ रेस्क्यू

वन विभाग की टीम ने दो जेसीबी की मदद से शावक को कुएं से बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया. करीब तीन घंटे तक चले अभियान के बाद हाथी के शावक को सुरक्षित कुएं से बाहर निकाल लिया गया.

इस दौरान घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर हाथियों का पूरा झुंड खड़ा रहा. झुंड रेस्क्यू अभियान को देखता रहा, लेकिन हाथियों ने किसी तरह का हमला नहीं किया और शांत खड़े रहे.

कुएं से निकलकर झुंड के साथ जंगल की ओर गया शावक

कुएं से बाहर निकलने के बाद हाथी का शावक अपने झुंड में वापस चला गया. इसके बाद हाथियों का झुंड जंगल की ओर चला गया.

रेस्क्यू अभियान में वनपाल अविनाश लुगुन, राहुल महतो, सुनीत टोपनो, आनंद मुंडा, कमलेश सिंह बिंजिया, खूंटी से पहुंचे वन विभाग के कर्मी, होमगार्ड जवान, ग्रामीण और जनप्रतिनिधियों ने योगदान दिया.

foto | Prabhat Khabar Network

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By Bhushan Kanshi

भूषण कांशी ने 1998 में प्रभात खबर से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने सफर की शुरुआत की. रिपोर्टर के साथ न्यूज पेपर एजेंट के रूप में भी जिम्मेदारी निभाते हुए उन्होंने पत्रकारिता की बुनियादी चुनौतियों और जमीनी हकीकत को करीब से समझा. अभी खूंटी ब्यूरो में भी बतौर सहायक काम कर रहे हैं. बीते 28 वर्षों से वह ग्रामीण एवं स्थानीय क्षेत्रों की समस्याओं और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से सामने लाने में सक्रिय हैं. ग्रामीण समाज की आवाज को मंच देने, आम लोगों की समस्याओं को प्रशासन व जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने और उपेक्षित मुद्दों को समाचार के माध्यम से प्रमुखता देने को उन्होंने पत्रकारिता का उद्देश्य बनाया हुआ है. शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी, कृषि, रोजगार, वन्यजीव और सामाजिक विषयों से जुड़े मामलों पर उनकी निरंतर नजर रहती है. निष्पक्षता, तथ्यपरकता और जनहित …

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